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कुवैत में ईरानी ड्रोन हमले में अमेरिकी सैनिक की शहादत

कुवैत में एक ईरानी ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई, जिनमें से एक निकोल एम. अमोर थीं। घर लौटने की तैयारी में थीं, लेकिन इस हमले ने उनके परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया। पेंटागन ने इस हमले की पुष्टि की है, जो अमेरिकी-इजरायली अभियानों के समर्थन में हुआ। निकोल की शहादत ने पूरे अमेरिका में शोक की लहर पैदा की है।
 

कुवैत में हुआ भयानक ड्रोन हमला


कुवैत के पोर्ट शुआइबा में रविवार को एक गंभीर ईरानी ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई। इनमें से एक महिला सैनिक, सार्जेंट फर्स्ट क्लास निकोल एम. अमोर (39 वर्ष), मिनेसोटा के व्हाइट बियर लेक की निवासी थीं। निकोल अमेरिकी आर्मी रिजर्व की 103वीं सस्टेनमेंट कमांड में तैनात थीं और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत कार्यरत थीं।


निकोल की शहादत का दुखद पहलू

इस दुखद घटना का सबसे भावनात्मक पहलू यह है कि निकोल घर लौटने की तैयारी कर रही थीं। उनके पति जॉय अमोर ने कहा, “वह बस घर आने वाली थीं... कुवैत जाने का मतलब यह नहीं होता कि कुछ बुरा होगा, और उनका वहां जाना बेहद दुखद है।” जॉय ने बताया कि हमले से केवल दो घंटे पहले ही उनकी निकोल से बात हुई थी। निकोल दो बच्चों की मां थीं और परिवार से मिलने के लिए उत्सुक थीं।


पेंटागन की पुष्टि और अन्य सैनिकों की जानकारी

पेंटागन ने इस हमले की पुष्टि की है, जो एक अस्थायी टैक्टिकल ऑपरेशंस सेंटर पर हुआ, जहां सैनिक अमेरिकी-इजरायली अभियानों के समर्थन में कार्य कर रहे थे। ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों का जवाब देते हुए यह कार्रवाई की। निकोल के साथ मारे गए अन्य सैनिकों में कैप्टन कोडी ए. खोरक, सार्जेंट फर्स्ट क्लास नोआ एल. टीटजेंस और सार्जेंट डेक्लन जे. कोडी शामिल हैं।


निकोल की सेवा और यादें

निकोल ने 2005 में नेशनल गार्ड में भर्ती होकर अपनी सेवा शुरू की और बाद में आर्मी रिजर्व में शामिल हुईं। उन्होंने 2019 में कुवैत और इराक में भी डिप्लॉयमेंट किया था। परिवार और मित्र उन्हें “सबकी मां और सबसे अच्छी दोस्त” के रूप में याद करते हैं, जो दिल से प्यार करती थीं और अपनी सटीक व्यंग्यात्मक टिप्पणियों के लिए जानी जाती थीं।


अमेरिका-ईरान संघर्ष में पहली शहादत

यह घटना अमेरिका-ईरान संघर्ष में पहली मौतों में से एक है, जिसने कई परिवारों को गहरा सदमा पहुंचाया है। निकोल की शहादत ने पूरे अमेरिका में शोक की लहर पैदा कर दी है। उनके परिवार और राष्ट्र के प्रति गहरी संवेदना।