×

किसानों के लिए नई भंडारण योजना: फसल कटाई के बाद बेहतर मूल्य की उम्मीद

कृषि विभाग ने किसानों के लिए एक नई भंडारण योजना की घोषणा की है, जिससे उन्हें फसल कटाई के तुरंत बाद कम कीमत पर अपनी उपज बेचने की आवश्यकता नहीं होगी। इस योजना के तहत 305 गोदाम और 400 पक्का थ्रेसिंग फ्लोर का निर्माण किया जाएगा, जिससे किसानों को सुरक्षित भंडारण और बेहतर विपणन सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा, यह योजना रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जानें इस योजना के वित्तीय विवरण और इसके संभावित लाभों के बारे में।
 

किसानों के लिए भंडारण सुविधाओं का विस्तार

किसानों को अब अपनी फसल कटाई के तुरंत बाद कम कीमत पर बेचने की आवश्यकता नहीं होगी। राज्य कृषि विभाग 305 भंडारण गोदाम और 400 पक्का थ्रेसिंग फ्लोर बनाने की योजना बना रहा है। इन गोदामों के निर्माण से किसान अपनी उपज को सुरक्षित रूप से रख सकेंगे और बाजार में उचित मूल्य मिलने पर उसे बेचकर अधिक लाभ कमा सकेंगे। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र में आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा.


योजना का कार्यान्वयन और वित्तीय विवरण

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि यह योजना राज्य के सभी जिलों में लागू की जाएगी। इसमें 88 इकाइयाँ 100 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम, 217 इकाइयाँ 200 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम और 400 पक्का थ्रेसिंग फ्लोर का निर्माण शामिल है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत, वित्तीय वर्ष 2026-27 में किसानों के लिए इन गोदामों और थ्रेसिंग फ्लोर की स्थापना की जाएगी। इस योजना के लिए कुल 24 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 14.40 करोड़ रुपये और राज्य का हिस्सा 9.60 करोड़ रुपये है.


रोजगार सृजन में योगदान

मंत्री ने कहा कि यह योजना कृषि अवसंरचना के विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अनुमान है कि 88 गोदामों के निर्माण से 96,536 मानव दिवस, 217 बड़े गोदामों के निर्माण से 3,39,388 मानव दिवस और 400 पक्का थ्रेसिंग फ्लोर के निर्माण से 12,000 मानव दिवस रोजगार सृजित होंगे। इस प्रकार, योजना के माध्यम से कुल 4,47,924 मानव दिवस रोजगार सृजित होने की संभावना है.


किसानों की आय में वृद्धि के लिए प्रतिबद्धता

राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों के बेहतर प्रबंधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.