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किसानों की समस्याओं पर चिंता जताते हुए नाना पाटोले ने महाराष्ट्र सरकार की नीतियों की आलोचना की

कांग्रेस नेता नाना पाटोले ने महाराष्ट्र सरकार की नीतियों पर चिंता जताई है, खासकर किसानों की फसलों के नुकसान और शिक्षा के लिए धन की कमी के मुद्दों पर। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान-इज़राइल संघर्ष के कारण किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, जिससे आत्महत्याओं की घटनाएं बढ़ रही हैं। पाटोले ने सरकार पर झूठे जवाब देने का आरोप भी लगाया है। जानें इस मुद्दे पर उनका क्या कहना है और सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए।
 

किसानों की फसलों पर संकट

कांग्रेस के नेता नाना पाटोले ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के चलते किसानों की फसलों को हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार की नीतियों के कारण कई संकटों का सामना करना पड़ रहा है। पाटोले ने बताया कि कृषि उत्पादों का भंडारण रुका हुआ है, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है और किसानों की आत्महत्याओं की घटनाएं बढ़ रही हैं।


मीडिया से बातचीत में पाटोले ने कहा कि अमेरिका-ईरान-इजराइल के बीच युद्ध के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने बताया कि हमने सब्जियों और चावल का बड़ा निर्यात किया है, लेकिन व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। सरकार को चाहिए कि वह व्यापारियों को मुआवजा देने के लिए कदम उठाए।


शिक्षा के लिए धन की कमी

पाटोले ने सरकार पर झूठे जवाब देने और शिक्षा के लिए धन की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सरकार के ध्यान में लाया गया है। शिक्षा पर ध्यान देने की बात की जा रही है, लेकिन मंत्री इस विषय पर झूठ बोलते नजर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला परिषद नगर पालिका में शिक्षकों की कमी है और भर्ती पोर्टल के माध्यम से की जा रही है।


पाटोले ने यह भी कहा कि भाजपा और शिंदे सेना के बीच की लड़ाई में एक पीढ़ी बर्बाद हो रही है। राज्य सरकार के पास पैसे की कमी है, लेकिन उसने किसानों को लालच दिया है। शिक्षा के लिए धन की कमी है और ओवरड्राफ्ट के जरिए भुगतान किया जा रहा है।


अमेरिका और इज़राइल के हवाई हमले

28 फरवरी को, अमेरिका और इज़राइल ने कई ईरानी शहरों में समन्वित हवाई हमले किए, जिनमें सैन्य कमान केंद्रों, वायु रक्षा प्रणालियों, और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई और चार वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई।


इसके जवाब में, ईरान ने इज़राइल, बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में अमेरिकी संपत्तियों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया, जिससे मध्य पूर्व में संघर्ष और बढ़ गया।