किसानों की महापंचायत के लिए शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा कड़े इंतजाम
शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था
पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने दिल्ली की ओर बढ़ने वाले किसानों को रोकने के लिए सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी है। घग्गर नदी पर बने पुल पर सीमेंट के बड़े ब्लॉक और अन्य अवरोधक लगाए गए हैं ताकि किसानों की आवाजाही को रोका जा सके। 'देश बचाओ मोर्चा' के बैनर तले प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ किसान दिल्ली के किसान घाट पर एक दिवसीय 'किसान महापंचायत' आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।
किसान नेताओं की प्रतिक्रिया
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने हरियाणा सरकार की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाना चाहते हैं, लेकिन सरकार उन्हें बेवजह रोक रही है। पंढेर ने आरोप लगाया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का असली चेहरा अब जनता के सामने आ गया है, जो पंजाब आकर बड़े वादे करते हैं लेकिन किसानों के अधिकारों की बात होने पर उनके रास्ते रोकते हैं।
महापंचायत का उद्देश्य
किसानों की यह महापंचायत विशेष रूप से प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग को लेकर बुलाई गई है। किसान नेताओं का कहना है कि यह समझौता किसानों और आम लोगों के हितों के खिलाफ है। मंगलवार सुबह किसानों का एक बड़ा काफिला गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से दिल्ली के लिए रवाना हुआ। इन किसानों ने सोमवार की रात गुरुद्वारे में बिताई थी और वहां से सरहिंद के निकट माधोपुर होते हुए शंभू बॉर्डर की ओर बढ़े हैं।
पुलिस की कार्रवाई
आंदोलन के मद्देनजर पुलिस की कार्रवाई पहले से ही शुरू हो चुकी थी। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी को पुलिस ने कुरुक्षेत्र में हिरासत में लिया, जब वह इस महापंचायत में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे थे। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि शंभू बॉर्डर पहुंचने के बाद वे आपस में सलाह-मशविरा करेंगे और अपनी अगली रणनीति तय करेंगे।
केंद्र सरकार से मांग
किसानों ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वह इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे। उनकी मुख्य मांग इस व्यापार समझौते को पूरी तरह से रद्द करना है। वर्तमान में, शंभू बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात है और सीमेंट की दीवारें खड़ी कर किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।