किसान नेता राकेश टिकैत के साथ CJP का संयुक्त मोर्चा बनाने का प्रयास
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने किसान नेता राकेश टिकैत के साथ मिलकर किसानों, छात्रों और युवाओं के लिए एक संयुक्त मोर्चा बनाने की योजना बनाई है। इस बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें मोदी सरकार के खिलाफ एक बड़ा गठबंधन बनाने की उम्मीद जताई गई। CJP ने छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे एक व्यापक आंदोलन शुरू कर सकते हैं। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और क्या कदम उठाए जाएंगे।
Jul 29, 2026, 13:21 IST
CJP और राकेश टिकैत की बैठक
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने किसान नेता राकेश टिकैत से संपर्क किया है, ताकि किसानों, छात्रों और युवाओं के लिए एक साझा मोर्चा तैयार किया जा सके। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने टिकैत से मुलाकात के बाद कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विभिन्न समूह नरेंद्र मोदी की सरकार को चारों ओर से घेरने में सफल होंगे। इस बैठक में रांका के साथ CJP के अन्य नेता और भारतीय किसान यूनियन (BKU) के सदस्य भी शामिल थे। CJP के अनुसार, चर्चा का मुख्य उद्देश्य किसानों, छात्रों और युवाओं को एक मंच पर लाने की रणनीति तैयार करना था। बैठक के बाद, रांका ने कहा कि संगठन को विश्वास है कि वे मोदी सरकार के खिलाफ एक बड़ा गठबंधन बनाने में सक्षम होंगे।
छात्रों और किसानों के मुद्दों पर ध्यान
रांका ने कहा कि हमें उम्मीद है कि हमारे किसान भाई और देश के छात्र व युवा मिलकर मोदी सरकार को हर दिशा से घेरने के लिए काम करेंगे। यह बैठक CJP द्वारा पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी के खिलाफ चल रहे 36 दिनों के विरोध को स्थगित करने के कुछ दिन बाद हुई। इससे यह संकेत मिलता है कि संगठन अब शिक्षा से संबंधित मुद्दों के साथ-साथ किसानों और युवाओं के मुद्दों को भी अपने अभियान में शामिल करना चाहता है। CJP ने आरोप लगाया कि केंद्र और कुछ राज्य सरकारों ने छात्र विरोध-प्रदर्शनों के दौरान जो आश्वासन दिए थे, उन्हें पूरा नहीं किया गया। संगठन का दावा है कि कई राज्यों में छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। बिहार और पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि राजस्थान जैसे राज्यों में छात्रों के खिलाफ FIR अभी भी दर्ज की जा रही हैं। CJP नेताओं ने छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग के लिए टिकैत का समर्थन मांगा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे किसान संगठनों और युवा समूहों के साथ मिलकर एक व्यापक आंदोलन शुरू कर सकते हैं।
टिकैत का समर्थन और विरोध प्रदर्शन
टिकैत ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया था। वे कई बार वहां गए और प्रदर्शनकारियों की मांगों का समर्थन किया। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में हुए मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हुई। सुरक्षाकर्मियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। विरोध प्रदर्शन और बढ़ गए और कई अन्य राज्यों में भी फैल गए। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। यह आंदोलन शनिवार (25 जुलाई) को प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा आत्महत्या करने वालों के परिवारों को मुआवजा देने तथा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR न करने की मांग मान लेने के साथ समाप्त हुआ। CJP ने केंद्र सरकार पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR वापस लेने के अपने वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू करने की चेतावनी दी है।