किरण बेदी: भारत की पहली महिला IPS अधिकारी का 77वां जन्मदिन
किरण बेदी, जो भारत की पहली महिला IPS अधिकारी हैं, आज 77वां जन्मदिन मना रही हैं। उनके जीवन की कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह दर्शाती है कि कैसे उन्होंने पुलिस प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया। इस लेख में, हम उनके जन्म, शिक्षा, करियर, और राजनीतिक जीवन के बारे में जानेंगे, साथ ही उनकी उपलब्धियों और 'क्रेन बेदी' के नाम से मशहूर होने की कहानी भी साझा करेंगे।
Jun 9, 2026, 11:36 IST
किरण बेदी का जन्मदिन
भारत की पहली महिला IPS अधिकारी, किरण बेदी, आज 09 जून को अपने 77वें जन्मदिन का जश्न मना रही हैं। किरण बेदी को किसी विशेष परिचय की आवश्यकता नहीं है। पुलिस प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी की शुरुआत उन्होंने की थी। आज के समय में, उनके जीवन को देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता है। आइए जानते हैं किरण बेदी के जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें...
जन्म और परिवार
किरण बेदी का जन्म 09 जून 1949 को पंजाब के अमृतसर में हुआ। उनके पिता का नाम प्रकाश लाल पेशावरिया और मां का नाम प्रेमलता है। परिवार के सदस्य उन्हें प्यार से 'किमी' कहकर बुलाते थे। उनके पिता कपड़ा व्यवसाय में थे और टेनिस के शौकीन भी थे।
शिक्षा
किरण बेदी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद 1968 में अमृतसर के गवर्नमेंट कॉलेज फॉर विमेन से इंग्लिश में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री प्राप्त की। इसी वर्ष उन्हें NCC कैडेट ऑफिसर का पुरस्कार मिला। इसके बाद, 1970 में उन्होंने चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की और अमृतसर के खालसा कॉलेज फॉर विमेन में लेक्चरर के रूप में कार्य किया।
टेनिस में एशियन चैंपियन
किरण बेदी को टेनिस खेलने का बहुत शौक था। अमृतसर में पढ़ाई के दौरान उन्होंने टेनिस खेलना शुरू किया और इस खेल में एशियन चैंपियन भी बनीं। उनके पति भी एक टेनिस खिलाड़ी थे।
करियर और पुरस्कार
1972 में किरण बेदी ने आईपीएस की ट्रेनिंग शुरू की और उनकी पहली पोस्टिंग दिल्ली में हुई। उन्होंने मसूरी में राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में पुलिस प्रशिक्षण लिया और पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनीं। 1975 में, उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में दिल्ली पुलिस के पुरुष दल का नेतृत्व किया। अपने 35 साल के करियर में, उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और उन्हें कई पुरस्कार मिले, जैसे कि 1979 में राष्ट्रपति का Gallantry Award और 1991 में एशिया क्षेत्र में नशाबंदी मुहिम के लिए पुरस्कार।
राजनीतिक करियर
किरण बेदी ने न केवल एक तेजतर्रार महिला अधिकारी के रूप में पहचान बनाई, बल्कि राजनीति में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। 2015 में, वह भाजपा में शामिल हुईं और दिल्ली विधानसभा चुनाव में सीएम पद के लिए उम्मीदवार बनीं, हालांकि वह चुनाव हार गईं। इसके बाद, मई 2016 में उन्होंने पुडुचेरी के उपराज्यपाल का कार्यभार संभाला।
किरण बेदी बनी 'क्रेन बेदी'
आईपीएस सेवा के दौरान, किरण बेदी ने दिल्ली की सड़कों को जाम मुक्त करने का संकल्प लिया। उन्होंने अवैध रूप से खड़ी गाड़ियों को क्रेन से उठवाने का कार्य किया। इस दौरान, उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की गाड़ी भी उठवाई। अपने नए सेवा में होने के कारण, वह दिल्ली का नक्शा लेकर चलती थीं। जब वह सड़कों पर इस अभियान के लिए निकलीं, तो लोग उन्हें 'क्रेन बेदी' कहने लगे।