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किडनी की पथरी से राहत पाने के घरेलू उपाय

किडनी की पथरी एक गंभीर समस्या है जो अत्यधिक दर्द का कारण बनती है। इस लेख में, हम किडनी पथरी के घरेलू उपचारों और देखभाल के तरीकों पर चर्चा करेंगे। विभिन्न हर्बल उपायों और सरल नुस्खों के माध्यम से, आप पथरी से राहत पा सकते हैं। जानें कि कैसे तुलसी, मूली, और अन्य प्राकृतिक तत्व आपकी मदद कर सकते हैं।
 

किडनी की देखभाल


किडनी की देखभाल :



  • किडनी, युरेटर या ब्लैडर में पथरी का बनना एक अत्यंत दर्दनाक स्थिति है। मूत्र में मौजूद रासायनिक तत्व जैसे युरिक एसिड, फास्फोरस, कैल्शियम और ऑक्सालिक एसिड पथरी का निर्माण करते हैं। इनमें से कैल्शियम ऑक्सालेट सबसे प्रमुख है, जो लगभग 90 प्रतिशत पथरी का कारण बनता है। गुर्दे की पथरी का दर्द बहुत तीव्र होता है, जिससे रोगी को अत्यधिक पीड़ा होती है। जब पथरी अपने स्थान से खिसकती है, तो यह दर्द उत्पन्न करती है। पथरी गुर्दे से युरेटर और फिर युरिन ब्लैडर में जाती है, जिससे पेशाब करने में कठिनाई, उल्टी, मितली, पसीना और ठंड लगने जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं। नुकीली पथरी से खरोंच लगने पर पेशाब में खून भी आ सकता है। इस स्थिति में पेशाब बार-बार और थोड़ी मात्रा में कष्ट के साथ आता है।

  • रोग का निदान करने के लिए सोनोग्राफी कराना आवश्यक है। विशेष हर्बल औषधियों से 30 मिमी तक की पथरी को समाप्त किया जा सकता है, लेकिन 4-5 मिमी तक की पथरी घरेलू उपायों से भी खत्म की जा सकती है। यहां कुछ सरल उपाय दिए जा रहे हैं।

  • 1.) तुलसी के पत्तों का रस एक चम्मच शहद में मिलाकर सुबह जल्दी लें। ऐसा 5-6 महीने तक करने से छोटी पथरी निकल जाती है।

  • 2.) मूली के पत्तों का रस 200 मि.ली. दिन में दो बार लेने से पथरी समाप्त होती है।

  • 3.) दो अंजीर को एक गिलास पानी में उबालकर सुबह पीना चाहिए। इसे एक महीने तक लेना आवश्यक है।

  • 4.) नींबू का रस पथरी को घोलने में सहायक होता है। एक नींबू का रस दिन में 1-2 बार हल्के गर्म पानी में लेना चाहिए।

  • 5.) पानी शरीर से विजातीय पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। गर्मियों में 4-5 लीटर और सर्दियों में 3-4 लीटर पानी पीने की आदत डालें।

  • 6.) रोज दो-तीन सेव खाने से पथरी में लाभ होता है।

  • 7.) तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है। जब तक उपलब्ध हो, रोज तरबूज खाएं। यह पुरुषों के लिए वियाग्रा के समान काम करता है।

  • 8.) कुलथी की दाल का सूप पीने से पथरी निकलने के प्रमाण मिले हैं। 20 ग्राम कुलथी को दो कप पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं। सुबह और रात को सोने से पहले पीएं।

  • 9.) शोध में पाया गया है कि विटामिन बी6 (पायरीडोक्सीन) के सेवन से पथरी समाप्त होती है और नई पथरी बनने से भी रोक लगती है। 100 से 150 मि.ग्रा. की खुराक कई महीनों तक लेने से स्थायी समाधान मिलता है।

  • 10.) कुलथी में पोटेशियम और पानी की अधिकता होती है, जो गुर्दे के लिए लाभदायक है। इसमें अल्बुमिन और सोडियम कम होता है।

  • 11.) गाजर और मूली के बीज, गोखरू, जवाखार और हजरूल यहूद का पाउडर बनाकर 4-4 ग्राम की खुराक लें। यह उपचार बहुत प्रभावी है।

  • 12.) चौलाई की सब्जी पथरी को गलाने में सहायक होती है। इसे उबालकर धीरे-धीरे चबाकर खाएं।

  • 13.) बथुआ की सब्जी को 800 मि.ली. पानी में उबालकर छान लें। इसे काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर दिन में 3-4 बार लें।

  • 14.) प्याज में पथरी नाशक तत्व होते हैं। 70 ग्राम प्याज को पीसकर रस निकालें और सुबह खाली पेट पिएं।

  • 15.) सूखे आंवले का चूर्ण कटी हुई मूली पर लगाकर चबाने से पथरी निकलने के प्रमाण मिले हैं।

  • 16.) स्टूल पर चढ़कर 15-20 बार कूदने से पथरी नीचे खिसक सकती है।

  • 17.) मिश्री, सौंफ, और सूखा धनिया रात को पानी में भिगोकर रखें। 24 घंटे बाद छानकर पिएं।

  • 18.) जवाखार को गाय के दूध के मट्ठे में मिलाकर सुबह-शाम पीने से गुर्दे की पथरी खत्म होती है।

  • 19.) गोक्षुर के बीजों का चूर्ण बकरी के दूध के साथ खाने से पथरी खत्म होती है।

  • 20.) भुनी हुई फिटकरी का सेवन करने से रोग ठीक होता है।

  • 21.) कमलीशोरा, गंधक और आमलासार को मिलाकर लेने से गुर्दे की पथरी में लाभ होता है।

  • 22.) आलू खाने से गुर्दे की पथरी निकल जाती है।

  • 23.) तुलसी, अजवाइन और सेंधानमक का पाउडर बनाकर सेवन करने से गुर्दे का दर्द कम होता है।

  • 24.) पके हुए प्याज का रस पीने से पथरी निकलने में मदद मिलती है।