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कावेरी जल विवाद पर पलानीस्वामी की सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग

अन्नाद्रमुक के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने कर्नाटक द्वारा कावेरी नदी का पानी छोड़ने से इनकार पर तमिलगा वेत्री कषगम सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाने की आवश्यकता है। पलानीस्वामी ने कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के आदेशों की अवहेलना करने के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री की आलोचना की और आगामी कृषि बजट में सहकारी कृषि ऋण माफी की मांग की। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो अन्नाद्रमुक राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दे रही है।
 

कावेरी नदी के पानी को लेकर उठे विवाद

अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने कर्नाटक द्वारा कावेरी नदी का पानी छोड़ने से इनकार करने पर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि इस मुद्दे पर तुरंत एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की आवश्यकता है। पलानीस्वामी ने कहा कि यह बैठक राज्य के नदी जल अधिकारों और कृषि हितों की रक्षा के लिए आवश्यक है। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी मांग की कि सरकार 2026 के विधानसभा चुनाव में किए गए वादे को आगामी कृषि बजट में सहकारी कृषि ऋण को पूरी तरह माफ करके पूरा करे।


कर्नाटक का पानी छोड़ने में असफलता

पलानीस्वामी ने एक बयान में कहा, "उच्चतम न्यायालय ने कावेरी नदी के पानी के बंटवारे पर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके अनुसार, कर्नाटक को जून में तमिलनाडु के लिए 9.19 अरब घन फुट पानी छोड़ना था, लेकिन उसने केवल 2.91 अरब घन फुट ही छोड़ा। जुलाई में 31.24 अरब घन फुट पानी छोड़ने का आदेश था, लेकिन कर्नाटक ने अब तक निर्धारित मात्रा में पानी नहीं छोड़ा है।"


जल प्रबंधन प्राधिकरण के आदेशों की अवहेलना

अन्नाद्रमुक प्रमुख ने कहा कि कावेरी जल विनियमन समिति ने कर्नाटक को 29 जुलाई से 15 दिनों तक प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा, "कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने भी कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को इस आदेश का पालन करने के लिए कहा था।"


मुख्यमंत्री की चुप्पी पर पलानीस्वामी की आलोचना

पलानीस्वामी ने कहा, "हालांकि, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने इस आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया और इसके बजाय कर्नाटक में सर्वदलीय बैठक बुलाने की घोषणा की है।" उन्होंने यह भी कहा कि शिवकुमार ने प्रस्तावित किया है कि अगर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय बातचीत के लिए बेंगलुरु आते हैं, तो वह उन्हें हेलीकॉप्टर से कर्नाटक के जलाशयों का निरीक्षण कराएंगे।


कावेरी नदी पर मेकेदातु बांध का खतरा

पलानीस्वामी ने चेतावनी दी कि यदि कावेरी नदी पर मेकेदातु में बांध का निर्माण किया जाता है, तो तमिलनाडु को पानी नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि 20 से अधिक जिलों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ेगा और डेल्टा क्षेत्र के जिले रेगिस्तान में बदल जाएंगे।


कृषि ऋण माफी की मांग

पलानीस्वामी ने तमिलनाडु सरकार से अपील की कि वह कावेरी नदी की रक्षा और मेकेदातु परियोजना को रोकने के उपायों पर चर्चा के लिए तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाए। उन्होंने आगामी कृषि बजट में सहकारी कृषि ऋण को पूरी तरह माफ करने की मांग की और कहा कि टीवीके ने 2026 के चुनाव में छोटे किसानों के ऋण माफ करने का वादा किया था।


राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी

उन्होंने कहा, "यदि ऐसा नहीं किया गया, तो अन्नाद्रमुक सत्तारूढ़ गठबंधन के खिलाफ राज्यव्यापी व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।"