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कानपुर में बुजुर्ग महिला की पीड़ा: बेटी ने घर से निकाला

कानपुर में 76 वर्षीय सरस्वती देवी ने अपनी बेटी प्रेमशान्ती पर आरोप लगाया कि उसने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है। डीएम के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए, उन्होंने बताया कि अब वह फुटपाथ पर रहने को मजबूर हैं। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और पंचायत बुलाई। पंचायत में मां-बेटी के बीच तनाव और विवाद को सुलझाने का प्रयास किया गया। अंत में, प्रेमशान्ती ने अपनी मां से माफी मांगी और वादा किया कि वह भविष्य में ऐसा व्यवहार नहीं करेगी।
 

बुजुर्ग महिला की दास्तान

कानपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना में, 76 वर्षीय सरस्वती देवी ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी प्रेमशान्ती ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है और अब वह फुटपाथ पर रहने को मजबूर हैं।



सरस्वती देवी ने कहा, "मेरी बेटी ने घर पर कब्जा कर लिया है और मुझे मारकर बाहर निकाल दिया है। अब मैं कहां जाऊं?" उनकी इस बात ने वहां मौजूद सभी अधिकारियों को भावुक कर दिया।


डीएम की त्वरित कार्रवाई

डीएम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुभव सिंह ने राजस्व और पुलिस टीम के साथ दूल गांव जाकर स्थिति का जायजा लिया।


पंचायत की बैठक


गांव में पहुंचते ही नायब तहसीलदार और अन्य सम्मानित लोग भी वहां मौजूद हो गए। दो घंटे तक चली पंचायत में मां-बेटी को आमने-सामने बैठाकर बातचीत की गई।


बेटी का पक्ष

पंचायत के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि मां-बेटी के बीच तनाव चल रहा था। प्रेमशान्ती ने कहा कि वह ससुराल में प्रताड़ना सहने के बाद अपनी छोटी बेटी के साथ मायके आई थी। उसने मां के साथ मारपीट के आरोपों से इनकार किया।


समझौता और भविष्य की निगरानी


लंबी चर्चा के बाद गांव वालों और प्रशासन ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया। प्रेमशान्ती ने अपनी मां से माफी मांगी और वादा किया कि वह भविष्य में ऐसा व्यवहार नहीं करेगी। जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया और बुजुर्ग महिला की नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए।