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कानपुर में पिता ने जुड़वा बेटियों की हत्या की, चौंकाने वाले खुलासे

कानपुर में एक पिता ने अपनी 11 वर्षीय जुड़वा बेटियों की हत्या कर दी, जिसके बाद उसने खुद पुलिस को सूचना दी। इस दिल दहला देने वाली घटना में आरोपी ने बताया कि उसने बेटियों के खाने में नींद की गोलियां मिलाई और फिर उनकी हत्या की। रेशमा, उसकी पत्नी, ने कहा कि उनका वैवाहिक जीवन कठिनाइयों से भरा था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी को हिरासत में ले लिया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और इसके पीछे की वजहें।
 

कानपुर में दिल दहला देने वाली घटना


कानपुर, उत्तर प्रदेश: हाल ही में कानपुर में एक पिता द्वारा अपनी दो जुड़वा बेटियों की हत्या की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। ये मासूम बच्चियां, रिद्धि और सिद्धि, केवल 11 वर्ष की थीं। हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने हत्या के बाद खुद पुलिस को फोन कर इस घटना की जानकारी दी। अब इस मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं, जो सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।


घटना किदवई नगर के एक किराए के फ्लैट में हुई, जहां रविवार की रात एक खुशहाल परिवार का अंत हो गया। 48 वर्षीय शशि रंजन मिश्रा, जो पहले एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम करता था, ने हाल ही में बेरोजगारी और मानसिक अवसाद के चलते यह घिनौनी वारदात की। उसकी पत्नी रेशमा, जो पहले ब्यूटी पार्लर में काम करती थी, अब घर पर ही थी।


परिवार की स्थिति

रेशमा ने बताया कि उनका वैवाहिक जीवन पिछले कई वर्षों से कठिनाइयों से भरा था। शशि को अपनी पत्नी पर बेवफाई का शक था, जिसके चलते उसने घर में CCTV कैमरे भी लगवा दिए थे ताकि वह उसकी हर गतिविधि पर नजर रख सके।


घटना की रात, परिवार के सदस्य अलग-अलग कमरों में सो रहे थे। रेशमा अपने 6 साल के बेटे के साथ एक कमरे में थी, जबकि शशि अपनी बेटियों के साथ दूसरे कमरे में था। CCTV फुटेज से पता चला कि रात करीब ढाई बजे तक दोनों बच्चियां जीवित थीं।


हत्या की रात का घटनाक्रम

पुलिस पूछताछ में शशि ने बताया कि उसने पहले बेटियों के खाने में नींद की गोलियां मिलाई थीं। जब बच्चियां गहरी नींद में सो गईं, तब उसने उनका गला घोंटकर धारदार चाकू से उनकी हत्या कर दी। बिस्तर पर संघर्ष के कोई निशान नहीं मिले, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बच्चियों को संभलने का मौका नहीं मिला।


आरोपी का आत्मसमर्पण

हत्या के बाद, शशि ने सुबह करीब साढ़े चार बजे खुद पुलिस को फोन किया और आत्मसमर्पण कर दिया। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उन्होंने देखा कि दोनों बच्चियां खून से लथपथ पड़ी थीं। रेशमा को इस घटना का पता तब चला जब पुलिस ने उसे सचाई बताई।


पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि शशि अपनी मां की मौत के बाद से मानसिक तनाव में था। उसने अपनी बेटियों के भविष्य की चिंता को हत्या का कारण बताया, लेकिन पुलिस इसे आर्थिक तंगी और मानसिक बीमारी का परिणाम मान रही है।


समाज की प्रतिक्रिया

रेशमा ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि ऐसे व्यक्ति को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है जिसने अपनी संतानों का गला रेत दिया हो। आरोपी फिलहाल पुलिस की हिरासत में है और मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है।