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कानपुर में करोड़ों के फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

कानपुर में एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें मास्टरमाइंड महफूज आलम को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने जांच के दौरान करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का एक बड़ा नेटवर्क उजागर किया है। आरोपी ने गरीबों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोले और हवाला कारोबार में लिप्त था। पुलिस अब इस मामले में टेरर फंडिंग के एंगल से भी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
 

कानपुर में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा

कानपुर में करोड़ों रुपये के एक बड़े फर्जीवाड़े और हवाला नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी महफूज आलम, जिसे पप्पू छुरी के नाम से भी जाना जाता है, को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह सामने आया कि आरोपी कोलकाता में एक टीएमसी नेता के संरक्षण में छिपा हुआ था। जैसे ही चुनाव परिणाम आए, वह कानपुर लौट आया और पुलिस ने उसे पकड़ लिया।


लूटकांड की जांच में हुआ खुलासा

यह मामला श्याम नगर चौकी क्षेत्र में हुई 24 लाख रुपये की लूट की जांच के दौरान उजागर हुआ। पुलिस जब लूट की राशि और उससे जुड़े खातों की जांच कर रही थी, तभी करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया। जांच में पता चला कि महफूज आलम ने 16 विभिन्न बैंकों में 100 से अधिक खातों का उपयोग कर 3200 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया। पुलिस के अनुसार, इनमें से लगभग 1600 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े के ठोस सबूत मिले हैं।


फर्जी खातों का खुलासा

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी गरीब मजदूरों, बेरोजगार युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के नाम पर फर्जी फर्म और बैंक खाते खोलता था। आरती इंटरप्राइजेज और राजा इंटरप्राइजेज जैसी कई कंपनियों का उपयोग संदिग्ध लेनदेन के लिए किया गया। इन खातों के माध्यम से हवाला कारोबार, GST धोखाधड़ी और स्लॉटर हाउस से जुड़े आर्थिक अपराधों के लिंक भी सामने आए हैं।


टेरर फंडिंग की जांच जारी

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के साले महताब आलम और बेटे मासूम को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग, RBI और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की टेरर फंडिंग एंगल से भी जांच कर रही है।


भविष्य में और खुलासे संभव

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। अब तक आरोपी के खिलाफ पांच मामले दर्ज किए जा चुके हैं और नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश जारी है।