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कानपुर के महफूज अली का 3200 करोड़ का घोटाला: जानें पूरी कहानी

कानपुर के महफूज अली, जिसे पप्पू छुरी के नाम से जाना जाता है, ने 3200 करोड़ रुपये के घोटाले में संलिप्तता के आरोपों का सामना किया है। 12वीं पास महफूज ने परचून की दुकान से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में मोबाइल और शेविंग ब्लेड्स के कारोबार में कदम रखा। उसकी संपत्तियों और बैंक खातों की जांच में कई रसूखदार लोगों का नाम सामने आया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और महफूज के नेटवर्क के बारे में।
 

महफूज अली का सफर


महफूज अली, जिसे पप्पू छुरी के नाम से जाना जाता है, ने 12वीं कक्षा पास करने के बाद परचून की दुकान खोली। इसके बाद उसने मोबाइल का व्यापार शुरू किया और फिर शेविंग ब्लेड्स और छुरियों के कारोबार में कदम रखा। उसने कानपुर में कोलकाता से शेविंग ब्लेड्स लाकर बेचना शुरू किया और इस तरह करोड़पति बनने का सफर तय किया।


3200 करोड़ का घोटाला

कानपुर के जाजमऊ निवासी महफूज अली इन दिनों एक बड़े घोटाले के कारण चर्चा में हैं, जिसमें लगभग 3200 करोड़ रुपये का घोटाला शामिल है। इस नेटवर्क में वकील, बैंककर्मी और कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं। महफूज इस पूरे मामले का मुख्य कड़ी है, जबकि इसका मास्टरमाइंड एक जीएसटी वकील है, जो फर्जी जीएसटी फर्में बनाता था।


महफूज की संपत्तियाँ

पुलिस ने महफूज की चार संपत्तियों का पता लगाया है, जिनमें इमराल्ड गार्डन में एक संपत्ति शामिल है, जिसमें उसका साला भी साझीदार है। इसके अलावा, रामराय की सराय, जेके कॉलोनी और जाजमऊ में भी उसकी संपत्तियाँ मिली हैं।


बैंकों में 68 खाते

महफूज के नाम पर आईडीबीआई, एचडीएफसी, आरबीएल, इंड्सइंड बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कोटक महिंद्रा, यूनियन बैंक, एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक में 68 खाते पाए गए हैं। इन बैंकों को क्राइम ब्रांच ने ई-मेल भेजा था, लेकिन रिपोर्ट अब तक प्राप्त नहीं हुई है।


वायरल ऑडियो का मामला

पुलिस आयुक्त ने बताया कि महफूज ने फरारी के दौरान कई ऑडियो वायरल किए थे। पूछताछ के दौरान उसने माफी मांगी और कहा कि एक मददगार के कहने पर उसने ऐसा किया। एक ग्रुप से पहले ऑडियो वायरल हुआ, फिर उसे डिलीट कर दिया गया। इसके बाद एक यूट्यूबर ने ऑडियो को फिर से वायरल किया।


महफूज का नेटवर्क

पुलिस का कहना है कि महफूज ने कई टेनरी, स्लॉटर और स्क्रैप कारोबारियों के नाम बताए हैं, जिन्होंने उसके खातों में पैसे भेजे और नकद रुपये लिए। पुलिस उन बैंककर्मियों पर भी नजर रख रही है, जो महज 10 मिनट में करोड़ों की रकम निकालकर महफूज और उसके गुर्गों को दे देते थे।


महफूज का प्रारंभिक कारोबार

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि महफूज मूल रूप से गाजीपुर का निवासी है। उसने पहले परचून की दुकान खोली, फिर मोबाइल का व्यापार शुरू किया और बाद में कानपुर में शेविंग ब्लेड्स और छुरियाँ बेचना शुरू किया। यहीं से उसका नाम पप्पू छुरी पड़ा।


फर्जी जीएसटी फर्मों का खुलासा

वकील फिरोज खान ने महफूज के दस्तावेजों की मदद से फर्जी जीएसटी फर्में और खाते खोले। प्रारंभिक जांच में 12 बैंकों के 68 खातों में 1600 करोड़ रुपये का लेनदेन पाया गया था, जो अब बढ़कर लगभग 3200 करोड़ तक पहुंच गया है।