कानपुर के महफूज अली का 3200 करोड़ का घोटाला: जानें पूरी कहानी
महफूज अली का सफर
महफूज अली, जिसे पप्पू छुरी के नाम से जाना जाता है, ने अपनी शिक्षा 12वीं कक्षा तक पूरी की। उसने पहले एक परचून की दुकान खोली, फिर मोबाइल का व्यापार शुरू किया और बाद में शेविंग ब्लेड्स और छुरियों के कारोबार में कदम रखा। इस तरह उसने परचून की दुकान से करोड़पति बनने का सफर तय किया।
3200 करोड़ का घोटाला
कानपुर के जाजमऊ में रहने वाले महफूज अली का नाम हाल ही में एक बड़े घोटाले में सामने आया है, जिसमें लगभग 3200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी शामिल है। इस नेटवर्क में वकील, बैंककर्मी और कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं। महफूज इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जबकि इसका मास्टरमाइंड एक जीएसटी वकील है जो फर्जी जीएसटी फर्में बनाता था।
महफूज की संपत्तियों का खुलासा
पुलिस ने महफूज की चार संपत्तियों का पता लगाया है, जिनमें इमराल्ड गार्डन में एक संपत्ति शामिल है, जिसमें उसका साला भी साझीदार है। इस संपत्ति की कीमत करोड़ों में आंकी गई है। इसके अलावा, रामराय की सराय, जेके कॉलोनी और जाजमऊ में भी उसकी संपत्तियां मिली हैं।
बैंकों में मिले 68 खाते
महफूज के नाम पर आईडीबीआई, एचडीएफसी, आरबीएल, इंड्सइंड बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कोटक महिंद्रा, यूनियन बैंक, एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक में 68 खाते पाए गए हैं। इन बैंकों को क्राइम ब्रांच ने ई-मेल भेजा था, लेकिन अभी तक कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
महफूज के वायरल ऑडियो
पुलिस आयुक्त ने बताया कि महफूज ने फरारी के दौरान कई ऑडियो वायरल किए थे। जब इस बारे में उससे पूछा गया, तो उसने माफी मांगी और कहा कि एक सहयोगी के कहने पर उसने ऐसा किया। पहले एक ग्रुप से ऑडियो वायरल हुआ, फिर उसे डिलीट कर दिया गया। इसके बाद एक यूट्यूबर ने उन ऑडियो को फिर से वायरल किया।
महफूज का नेटवर्क
पुलिस का कहना है कि महफूज ने कई टेनरी, स्लॉटर और स्क्रैप कारोबारियों के नाम बताए हैं, जिन्होंने उसके खातों में पैसे भेजे और नकद रुपये लिए। पुलिस उन बैंककर्मियों पर भी नजर रख रही है, जो महज 10 मिनट में करोड़ों की रकम निकालकर महफूज और उसके गुर्गों को दे देते थे।
महफूज का व्यवसाय
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि महफूज का मूल स्थान गाजीपुर है। उसने पहले परचून की दुकान खोली, फिर मोबाइल का व्यापार किया और बाद में कोलकाता से शेविंग ब्लेड्स और छुरियां लाकर कानपुर में बेचना शुरू किया। यहीं से उसका नाम पप्पू छुरी पड़ा। कुछ साल पहले वह जीएसटी के वकील फिरोज खान के संपर्क में आया और गरीबों से दस्तावेज लेकर फर्जी जीएसटी फर्में बनवाने लगा।
फर्जी जीएसटी फर्मों का खुलासा
वकील फिरोज ने इन दस्तावेजों का उपयोग करके फर्जी जीएसटी फर्में और खाते खोले। प्रारंभिक जांच में 12 बैंकों के 68 खातों में 1600 करोड़ रुपये का लेनदेन पाया गया था, जो अब बढ़कर लगभग 3200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। महफूज की गिरफ्तारी के बाद जीएसटी वकील फिरोज खान, टेनरी, स्लॉटर हाउस और स्क्रैप कारोबारियों के नाम भी सामने आए हैं।