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कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात पर सख्त पाबंदियां लागू होंगी

कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद में यातायात पर सख्त पाबंदियां लागू की जाएंगी। चार अगस्त से दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर सभी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। यात्रा के दौरान भक्तगण पवित्र जल लाने के लिए विभिन्न मार्गों का उपयोग करेंगे। सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रबंध के तहत 300 कांवड़ शिविर और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जानें इस यात्रा के दौरान और क्या-क्या विशेष प्रबंध किए गए हैं।
 

यात्रा के दौरान यातायात प्रबंधन

मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में श्रावण मास के दौरान कांवड़ यात्रा के लिए यातायात पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, चार अगस्त से मुजफ्फरनगर जिले में दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग और गंग नहर मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी। इन प्रतिबंधों के कारण दिल्ली, हरिद्वार, देहरादून और सहारनपुर के बीच यात्रा प्रभावित हो सकती है, जिससे यात्रियों को लंबा सफर तय करना पड़ सकता है और बस तथा टैक्सी का किराया भी बढ़ सकता है। मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि 30 जुलाई से मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाएगी।


मार्ग परिवर्तन योजना

कुमार ने कहा कि कांवड़ियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा। हरिद्वार और सहारनपुर से दिल्ली जाने वाले वाहनों को देवबंद, पचेंडा, मीरापुर और मेरठ के मवाना से होते हुए भेजा जाएगा। वापसी के समय भी यातायात इसी मार्ग से होगा।


बसों के लिए व्यवस्था

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने निर्धारित मार्गों पर बसों का संचालन सुनिश्चित किया है, लेकिन अतिरिक्त दूरी के कारण यात्रियों को अधिक समय और किराया देना पड़ सकता है। कांवड़ यात्रा के दौरान भक्तगण हरिद्वार और गंगा के अन्य तटों से पवित्र जल लाते हैं और इसे अपने गृहनगरों के शिव मंदिरों में चढ़ाते हैं। यह यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगी।


गाजियाबाद में यातायात प्रबंधन

गाजियाबाद में पुलिस ने 29 जुलाई से 12 अगस्त तक विभिन्न चरणों में मार्ग परिवर्तन योजना की घोषणा की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, भारी मालवाहक गाड़ियों के आगमन पर रोक लगा दी गई है और उन्हें ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के माध्यम से भेजा जाएगा। पांच अगस्त से हल्के वाणिज्यिक वाहनों और अन्य यात्री वाहनों पर भी पाबंदियां लागू होंगी।


सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रबंध

अधिकारियों ने बताया कि जिले में लगभग 300 कांवड़ शिविर स्थापित किए जाएंगे, जिसमें 205 से अधिक कांवड़ संगठन शामिल होंगे। इसके अलावा, 24 से अधिक चिकित्सा शिविर, 65 एम्बुलेंस और 250 से अधिक रिजर्व हॉस्पिटल बेड की व्यवस्था की गई है। गंग नहर के संवेदनशील घाटों पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की जाएंगी। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर मांसाहारी भोजनालयों को बंद कराया है और शराब की दुकानों की जांच की है।


सुरक्षा उपाय

यात्रा मार्ग पर ट्रांसफार्मर को ढका गया है और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कांवड़ यात्रा पर नजर रखी जाएगी। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।