कांग्रेस में आंतरिक विवाद: अलका लांबा और हजीना सैयद के बीच टकराव
कांग्रेस के भीतर अलका लांबा और हजीना सैयद के बीच चल रहे विवाद ने पार्टी की आंतरिक चुनौतियों को उजागर किया है। यह टकराव केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि संगठनात्मक संकट का संकेत भी है। सैयद ने लांबा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं और उत्पीड़न का जिक्र है। इस विवाद ने कांग्रेस की नेतृत्व क्षमता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानें इस मामले की पूरी कहानी और इसके राजनीतिक प्रभाव।
Apr 13, 2026, 15:26 IST
कांग्रेस में उठे विवाद के नए आयाम
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल अक्सर विवादों में रहते हैं, और हाल ही में तमिलनाडु से एक नया मामला सामने आया है, जिसने पार्टी के भीतर चल रहे टकराव को उजागर किया है। इस बार विवाद का केंद्र अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा और तमिलनाडु महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष हजीना सैयद हैं, जिनके बीच आरोप-प्रत्यारोप ने राजनीतिक हलचल मचा दी है।
निष्कासन का आदेश और प्रतिक्रिया
यह विवाद 10 अप्रैल को तब शुरू हुआ जब अलका लांबा ने हजीना सैयद को पार्टी से तत्काल निष्कासित करने का आदेश जारी किया। पत्र में सैयद पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया, जिसे अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम बताया गया। लेकिन कुछ घंटों बाद, सैयद ने दावा किया कि वह उसी दिन दोपहर एक बजे एक प्रेस वार्ता में अपने पद से इस्तीफा दे चुकी थीं, जिससे निष्कासन का आदेश अनावश्यक और अपमानजनक हो गया।
सैयद की तीखी प्रतिक्रिया
सैयद ने अलका लांबा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें महिला कांग्रेस में लगातार प्रताड़ित किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि सदस्यता के नाम पर धन की वसूली होती है और पदाधिकारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। अपने आरोपों को समर्थन देने के लिए, उन्होंने एक ईमेल साझा किया जिसमें अलका लांबा पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए।
केसी वेणुगोपाल का संदर्भ
सैयद ने ईमेल में केसी वेणुगोपाल का भी उल्लेख किया, यह आरोप लगाते हुए कि वे लांबा के 'मित्र' हैं और इस रिश्ते का उपयोग संगठन में प्रभाव डालने के लिए किया जा रहा है। यह आरोप पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की छवि पर भी असर डाल सकता है।
सैयद की कानूनी चेतावनी
सैयद ने चेतावनी दी कि उनके पास कानूनी प्रमाण हैं और वह अवैध वित्तीय लेनदेन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा सकती हैं। उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफे का मुख्य कारण उत्पीड़न और आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाना है।
कांग्रेस की आंतरिक चुनौतियाँ
सैयद ने तमिलनाडु कांग्रेस में भ्रष्टाचार की आलोचना की और कहा कि इससे पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता निराश हो रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके विधानसभा चुनाव का टिकट पक्षपातपूर्ण तरीके से काट दिया गया। अलका लांबा ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि हर किसी को टिकट नहीं मिल सकता।
कांग्रेस की स्थिति
इस विवाद ने कांग्रेस के भीतर नेतृत्व, पारदर्शिता और आंतरिक संवाद को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अलका लांबा और हजीना सैयद के बीच यह टकराव अब केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह संगठनात्मक संकट का संकेत भी देता है।
केसी वेणुगोपाल पर लगे आरोप
हाल ही में केसी वेणुगोपाल पर हरियाणा विधानसभा चुनावों में टिकट वितरण में अनियमितताओं का आरोप लगा था। उन्होंने इस मामले में मानहानि का मुकदमा दायर किया है, यह कहते हुए कि आरोप झूठे और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।
कांग्रेस के लिए चुनौती
कांग्रेस पार्टी इस समय दोहरे दबाव में है। एक ओर, अलका लांबा और हजीना सैयद के बीच का टकराव संगठन की आंतरिक चुनौतियों को उजागर कर रहा है, वहीं दूसरी ओर, केसी वेणुगोपाल से जुड़ा विवाद पार्टी की सार्वजनिक छवि को प्रभावित कर सकता है। ये घटनाएं कांग्रेस के लिए गंभीर संकेत हैं, जिनसे निपटना पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।