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कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम्' विवाद: सोनिया गांधी पर आरोप

स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम्' के गायन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी ने सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन पर राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है, जबकि बीजेपी नेताओं ने इस मामले पर तीखा हमला किया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं।
 

नई दिल्ली में विवाद की शुरुआत


स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस के मुख्यालय में 'वंदे मातरम्' के पूरे संस्करण के गायन को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है। यह मामला अब राजनीतिक आरोपों से बढ़कर शिकायत तक पहुंच गया है। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन पर राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप लगाया गया है।


कांग्रेस मुख्यालय में कार्यक्रम के दौरान विवाद

15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान 'वंदे मातरम्' गाया गया। इस दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें बीजेपी ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने गीत के पूर्ण संस्करण के गायन पर आपत्ति जताई। बीजेपी नेताओं ने इसे राष्ट्रीय गीत के प्रति अनादर बताया।


हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि वीडियो में सोनिया गांधी का इशारा 'वंदे मातरम्' को रोकने के लिए नहीं था, बल्कि वह पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने के लिए कह रही थीं।


बीजेपी नेता की शिकायत

इस विवाद के बढ़ने के बाद, कर्नाटक के बीजेपी नेता विकास पुत्तूर ने सोनिया गांधी के खिलाफ उर्वा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में राष्ट्रीय गीत के अपमान का मामला दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस और राज्य सरकार उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं करती, तो वह कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख करेंगे।


इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी सोनिया गांधी के खिलाफ 'वंदे मातरम्' के कथित अपमान को लेकर पुलिस आयुक्त को प्रार्थनापत्र दिया गया है।


बीजेपी नेताओं का हमला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बीजेपी नेताओं ने इस मामले पर कांग्रेस पर तीखा हमला किया है। अमित शाह ने सोनिया गांधी पर 'वंदे मातरम्' के गायन में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया और कांग्रेस से सवाल किए। बीजेपी नेताओं ने इसे राष्ट्रीय सम्मान से जोड़ते हुए सोनिया गांधी से माफी की मांग की है।


पश्चिम बंगाल के बीजेपी नेता भी इस मुद्दे पर मुखर हुए हैं। बीजेपी विधायक सुमित्रो चटर्जी, जो 'वंदे मातरम्' के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज बताए जाते हैं, ने भी सोनिया गांधी से माफी की मांग की है।


कांग्रेस का स्पष्टीकरण

कांग्रेस का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। पार्टी के अनुसार, सोनिया गांधी का इशारा 'वंदे मातरम्' को रोकने के लिए नहीं था, बल्कि कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए बैठने की व्यवस्था से संबंधित था। इस स्पष्टीकरण के बावजूद बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी जारी है।


राजनीतिक तापमान में वृद्धि

'वंदे मातरम्' को लेकर यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब संसद में भी इस विषय पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने जुलाई में 'वंदे मातरम्' के अपमान या इसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय बनाने से संबंधित संशोधन विधेयक भी सूचीबद्ध किया था।


फिलहाल, सोनिया गांधी के खिलाफ दर्ज शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है। बीजेपी इसे राष्ट्रीय गीत के सम्मान से जुड़ा गंभीर मुद्दा मान रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक विवाद बताते हुए खारिज कर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर और जोर पकड़ सकता है।