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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने NEP 2020 की आलोचना की

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने NEP 2020 की छठी सालगिरह पर केंद्र सरकार की आलोचना की, इसे नागपुर एजुकेशन पॉलिसी करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसे बिना संसदीय चर्चा के लागू किया गया। इसके अलावा, CJP के अभिजीत दिपके ने NEET-UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग की निंदा की। रमेश ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की शिक्षा नीति की तुलना करते हुए संसदीय सहमति के महत्व पर जोर दिया।
 

NEP 2020 की छठी सालगिरह पर जयराम रमेश की टिप्पणी

सीनियर कांग्रेस नेता और सांसद जयराम रमेश ने 31 जनवरी, 2026 को नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 की छठी वर्षगांठ पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे नागपुर एजुकेशन पॉलिसी करार देते हुए आरोप लगाया कि इसे बिना संसदीय चर्चा के लागू किया गया। रमेश ने X पर एक पोस्ट में कहा कि आज मोदी सरकार द्वारा 29 जुलाई, 2020 को NEP को अपनाने की छठी सालगिरह है। उन्होंने यह भी बताया कि NEP 2020 पर संसद में कभी चर्चा नहीं हुई और न ही इसे शिक्षा के केंद्रीय सलाहकार बोर्ड से मंज़ूरी मिली।


NEP के तहत रेगुलेटरी बॉडीज़ की स्थिति

रमेश ने सरकार पर NEP के तहत महत्वपूर्ण रेगुलेटरी बॉडीज़ और पहलों को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज NEP की नींव हिल गई है। उन्होंने कहा कि NTA की साख पूरी तरह खत्म हो चुकी है। जो पूर्व मंत्री इसके सबसे बड़े समर्थक थे और जिन्होंने राज्य सरकारों पर NEP लागू करने के लिए दबाव डाला था, उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान' का मामला संसद की एक संयुक्त समिति के पास भेजा गया है, जो ठंडे बस्ते में पड़ी है; NDA सहयोगियों के विरोध के कारण पिछले तीन हफ़्तों में कम से कम दो बार इसकी बैठकें रद्द करनी पड़ी हैं।


राजीव गांधी के समय की NEP की तुलना

रमेश ने मौजूदा पॉलिसी की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय शुरू की गई 'नेशनल पॉलिसी ऑन एजुकेशन' से की और संसदीय सहमति तथा पॉलिसी के दीर्घकालिक प्रभाव के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नागपुर एजुकेशन पॉलिसी के विपरीत, राजीव गांधी सरकार के समय 1986 की NEP को अपनाने से पहले संसद में उस पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इसकी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जवाहर नवोदय विद्यालयों की स्थापना थी, जिन्होंने सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


CJP के अभिजीत दिपके का बयान

इसके अतिरिक्त, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 31 जनवरी, 2026 को प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ सरकार के व्यवहार की आलोचना की। दिल्ली एयरपोर्ट के बाहर बोलते हुए, दिपके ने कहा कि NEET-UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र के आश्वासन के बावजूद ऐसा व्यवहार जारी रहा, तो देशभर में फिर से आंदोलन शुरू हो जाएगा।