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कांग्रेस नेता खड़गे ने NEET पेपर लीक पर उठाए सवाल, नए बिल को बताया अपर्याप्त

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में NEET पेपर लीक पर चिंता व्यक्त की और नए सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक को अपर्याप्त बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस विधेयक को छात्रों के वास्तविक संकट को हल करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक स्थिति को सुरक्षित रखने के लिए पेश कर रही है। खड़गे ने कहा कि असली बदलाव तभी संभव है जब परीक्षा के आयोजन के तरीके में सुधार किया जाए।
 

NEET पेपर लीक पर कांग्रेस की चिंता

कांग्रेस के प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर अपनी बात रखते हुए कहा कि NEET परीक्षा का पेपर लीक होने से कई छात्रों और उनके परिवारों को गंभीर नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि हम ‘पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ़ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’ का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। केंद्र सरकार को देश में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। यह विधेयक छात्रों के सामने उपस्थित संकट का समाधान नहीं करेगा।


 


खड़गे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस विधेयक को छात्रों के वास्तविक संकट को हल करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक स्थिति को सुरक्षित रखने के लिए पेश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जब देशभर में NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन हो रहे थे, तब गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर चुप्पी साधी।


 


उन्होंने कहा कि पेपर लीक के कारण कई निर्दोष लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। नए विधेयक से कोई वास्तविक बदलाव नहीं आएगा, क्योंकि पुराने कानून में केवल कुछ आंकड़ों में बदलाव किया गया है। हालांकि, इसमें भारी जुर्माना, कड़ी सजा, विशेष कार्य बल और त्वरित न्यायालय जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं, लेकिन असली परिवर्तन तभी संभव है जब परीक्षा के आयोजन के तरीके में सुधार किया जाए।


 


खड़गे ने कहा कि 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक' केवल सड़कों पर उतरे युवाओं को शांत करने के लिए लाया गया है, न कि पेपर लीक की समस्या को सुलझाने के लिए। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में केवल आंकड़ों में बदलाव किया गया है, जिससे कोई वास्तविक लाभ नहीं होगा।


 


उन्होंने आगे कहा कि परीक्षा के आयोजन के तरीके में बदलाव लाने की आवश्यकता है, ताकि बिना पेपर लीक के तैयारी की जा सके। उन्होंने 2024 में एक सख्त कानून की मांग की थी, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज किया गया।


 


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