कांग्रेस ने मोदी सरकार पर ग्रामीण रोजगार में गिरावट का आरोप लगाया
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को मोदी सरकार पर VB-G RAM G एक्ट के कार्यान्वयन को लेकर रोजगार में चोरी का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में ग्रामीण रोजगार में भारी कमी आई है, जो कि नए कानून के लागू होने के बाद का पहला महीना था। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने X पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की, जिसमें बताया गया कि जुलाई में नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत 'पर्सन-डेज़' (काम के दिनों) में साल-दर-साल 49.94% की गिरावट आई है।
MGNREGA का प्रभाव
रमेश ने कहा कि VB-G RAM G का पहला महीना MGNREGA को समाप्त करने की कीमत को दर्शाता है। उनके अनुसार, जुलाई 2025 की तुलना में रोजगार पाने वाले परिवारों की संख्या में 51.45% की कमी आई है, जब MGNREGA लागू था। रोजगार के 'पर्सन-डेज़' में भी लगभग 50% की कमी आई है। रमेश ने कहा कि ये आंकड़े उन चेतावनियों के अनुरूप हैं जो कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने MGNREGA को हटाने के समय दी थीं।
MGNREGA की भूमिका
रमेश ने बताया कि MGNREGA ने ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान की थी और ग्राम पंचायतों को इस योजना को लागू करने के लिए सशक्त बनाया था। उन्होंने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य श्रमिकों को सरकार की राजनीतिक इच्छाओं पर निर्भरता से मुक्त करना था। मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम को केंद्रीकृत कर दिया है, जिससे राज्य सरकारों पर वित्तीय बोझ बढ़ गया है और इसकी सुविधाओं तक पहुंच को तकनीकी और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पर अधिक निर्भर बना दिया गया है।
रोजगार की चोरी का आरोप
रमेश ने कहा कि मोदी सरकार ने इस योजना को केंद्रीकृत कर दिया है, जिससे रोजगार की गारंटी समाप्त हो गई है और श्रमिकों के लिए अपने अधिकारों का दावा करना कठिन हो गया है। उन्होंने इसे सीधे-सीधे रोजगार की चोरी करार दिया।
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