कांग्रेस ने ओडिशा में प्रश्नपत्र लीक पर मोदी सरकार को घेरा
कांग्रेस का आरोप: शिक्षा में व्यावसायीकरण और भ्रष्टाचार पर ध्यान देने की आवश्यकता
कांग्रेस ने ओडिशा में स्नातकोत्तर परीक्षा के प्रश्नपत्र के कथित व्हाट्सऐप पर लीक होने की घटना को लेकर शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला। पार्टी ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक के मामलों में केवल कड़ी सजा का प्रावधान या अदालतों को ‘फास्ट-ट्रैक’ बनाना ही पर्याप्त नहीं है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस मुद्दे पर एक पोस्ट में कहा कि शिक्षा प्रणाली में व्यावसायीकरण और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ‘व्यापक और ईमानदार संवाद’ की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस का यह रुख 2024 में भी था और अब 2026 में भी यह स्थिति बनी हुई है।
रमेश ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री अपने सोशल मीडिया कौशल को निखारने में व्यस्त हैं, जबकि मोदी सरकार संसद के माध्यम से फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतों के लिए एक दिखावे वाला कानून जल्दबाजी में पारित कर रही है। इस बीच, एक और प्रश्नपत्र लीक की घटना सामने आई है, जो कि पूर्व शिक्षा मंत्री प्रधान के गृह राज्य ओडिशा से है।’’ उन्होंने यह भी बताया कि ओडिशा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्नातकोत्तर परीक्षा का प्रश्नपत्र 27 जुलाई को परीक्षा के दौरान ही व्हाट्सऐप पर प्रसारित हुआ।
रमेश ने दोहराया कि केवल सजा बढ़ाने और अदालतों को ‘फास्ट-ट्रैक’ करने से प्रश्नपत्र लीक की समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमें शिक्षा प्रणाली के व्यावसायीकरण और भ्रष्टाचार पर गंभीरता से चर्चा करने की आवश्यकता है। यही छात्र आंदोलन की भावना थी, जिसका मोदी सरकार को सम्मान करना चाहिए।’’
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब संसद के मौजूदा मानसून सत्र में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है।