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कांग्रेस और डीएमके के बीच गठबंधन पर विवाद: विजय की टीवीके का समर्थन

तमिलनाडु में कांग्रेस ने विजय की टीवीके का समर्थन किया, जिससे डीएमके ने इसे "पीठ में छुरा घोंपने" का आरोप लगाया। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वरिष्ठ नेता कार्ति चिदंबरम ने कहा कि यह राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है। डीएमके ने कांग्रेस के इस कदम को धोखा करार दिया है। जानें इस राजनीतिक विवाद के पीछे की पूरी कहानी और क्या है कांग्रेस का अगला कदम।
 

कांग्रेस का डीएमके पर आरोपों का खंडन

तमिलनाडु में सरकार गठन के लिए विजय की टीवीके का समर्थन करने के बाद, कांग्रेस ने डीएमके द्वारा लगाए गए "पीठ में छुरा घोंपने" के आरोपों को खारिज कर दिया। कांग्रेस ने इसे "दुर्भाग्यपूर्ण" टिप्पणी करार दिया, जो एक ऐसे व्यक्ति द्वारा की गई है जिसे चुनाव के बाद गठबंधन की प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने एक मीडिया चैनल के साथ बातचीत में कहा कि उन्होंने डीएमके प्रवक्ता की टिप्पणी देखी और इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद गठबंधन की कार्यप्रणाली को समझना आवश्यक है। विधानसभा चुनावों में पांच सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने टीवीके का समर्थन करने का निर्णय लिया है, जबकि 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें होने के बावजूद बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटों से वह पीछे रह गई।


डीएमके का प्रतिक्रिया और कांग्रेस का स्पष्टीकरण

डीएमके ने कांग्रेस के इस कदम को "धोखा" बताया है। पार्टी प्रवक्ता सरवनन अनादुरई ने कहा कि कांग्रेस ने टीवीके के साथ गठबंधन करने का निर्णय लिया है और इसे धोखा करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तमिलनाडु की जनता के जनादेश को ठुकराया है। चिदंबरम ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि संसदीय राजनीति में ऐसे बदलाव सामान्य हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यूरोप में भी चुनाव के बाद गठबंधन इसी तरह काम करते हैं।


स्टालिन की राजनीतिक समझ और कांग्रेस का उद्देश्य

कांग्रेस नेता ने कहा कि डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन एक अनुभवी नेता हैं और वे कांग्रेस के इस कदम को समझेंगे। चिदंबरम ने विश्वास व्यक्त किया कि स्टालिन जमीनी हकीकत को समझते हैं और अन्य राजनीतिक दलों की अपेक्षाओं को भी जानते हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई असामान्य बात नहीं है। कांग्रेस का उद्देश्य एक स्थिर और धर्मनिरपेक्ष सरकार का निर्माण करना है, और वे इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।


कांग्रेस का जनादेश का सम्मान

कांग्रेस पार्टी ने जनता के जनादेश का सम्मान करने की बात की है। चिदंबरम ने कहा कि यदि हर पार्टी अपने रुख पर अड़ी रहेगी, तो सरकार का गठन संभव नहीं होगा। तमिलनाडु की जनता स्थिरता चाहती है। टीवीके अन्य पार्टियों से भी समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने निर्णय की घोषणा कर सकती है।