×

कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन रद्द करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दी याचिका

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ आया है जब कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन ने चुनाव आयोग द्वारा उनके नामांकन को रद्द करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। नटराजन ने रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश को मनमाना और पक्षपाती बताया है। इस घटनाक्रम से भाजपा के महेश केवट की निर्विरोध जीत की संभावना बढ़ गई है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है और कांग्रेस ने चुनाव आयोग के समक्ष क्या कदम उठाए हैं।
 

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनावों में नया मोड़

मध्य प्रदेश की राज्यसभा राजनीति में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटना घटी है, जब कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने चुनाव आयोग द्वारा उनके नामांकन को रद्द करने के निर्णय को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी। नटराजन ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश को "मनमाना, पक्षपाती और कानून के खिलाफ" बताया और अदालत से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। उनके इस कदम से पहले, भाजपा के महेश केवट की निर्विरोध जीत की संभावना बढ़ गई थी।




अपनी याचिका में, नटराजन ने रिटर्निंग ऑफिसर के निर्णय को "मनमाना, पक्षपाती और कानून के खिलाफ" करार दिया है और सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह इस आदेश को तुरंत रद्द करे। याचिका में तात्कालिक राहत की मांग की गई है, जिसमें कहा गया है कि नामांकन का रद्द होना कानूनी दृष्टि से उचित नहीं था और इससे चुनावी प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उम्मीद जताई जा रही है कि नटराजन आज ही सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की मांग करेंगी।




राज्यसभा नामांकन विवाद


मध्य प्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनावों में नटराजन का नामांकन उस समय रद्द किया गया जब उन पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाई है।


 


यह आपत्ति भाजपा के उम्मीदवार महेश केवट ने उठाई थी, जो तीसरी राज्यसभा सीट के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया, यह कहते हुए कि उन्होंने अधूरा हलफनामा प्रस्तुत किया था।




रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश के अनुसार, दस्तावेजों की जांच में यह पाया गया कि महत्वपूर्ण जानकारी का न देना, जानकारी छिपाने के समान था, जिसके कारण उनका नामांकन रद्द कर दिया गया।




कांग्रेस ने चुनाव आयोग के समक्ष चुनौती दी


बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव आयोग से मुलाकात की और आरोप लगाया कि नटराजन का नामांकन गलत तरीके से रद्द किया गया था।


 


कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में के.सी. वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला, जयराम रमेश, दीपा दासमुंशी, विवेक तन्खा, अभिषेक मनु सिंघवी और मीनाक्षी नटराजन शामिल थे। उन्होंने चुनाव आयोग से इस निर्णय को पलटने का अनुरोध किया। कांग्रेस का कहना है कि नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है और रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश में उल्लिखित शिकायत का संज्ञान किसी अदालत ने नहीं लिया है।




बीजेपी की स्थिति मजबूत


नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद, बीजेपी मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीनों सीटें निर्विरोध जीतने की स्थिति में है।




सत्ताधारी पार्टी के पास राज्य विधानसभा में अपने अन्य दो उम्मीदवारों, तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को चुनने के लिए पर्याप्त संख्या बल है। नटराजन के मुकाबले से हटने से महेश केवट के राज्य से तीसरे राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है।




इस घटनाक्रम से 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनावों में बीजेपी की तीनों सीटें जीतने की संभावना बढ़ गई है।