×

कांग्रेस अध्यक्ष ने सोनम वांगचुक के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर-मंतर पर क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने केंद्र सरकार पर असहमति रखने वालों को निशाना बनाने का आरोप लगाया और कहा कि यह लोकतंत्र पर एक काला धब्बा है। वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई है, क्योंकि उन्होंने लंबी भूख हड़ताल की है। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भी सरकार की आलोचना की है।
 

कांग्रेस अध्यक्ष की आलोचना

कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने 18 जुलाई को जंतर-मंतर पर क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने केंद्र सरकार पर असहमति रखने वालों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। खड़गे ने एक पोस्ट में कहा कि सरकार ने किसी को भी नहीं बख्शा है, चाहे वे किसान, छात्र, दलित, आदिवासी या जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने वाले प्रदर्शनकारी हों। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रो. जीडी अग्रवाल, जिन्होंने माँ गंगा को बचाने के लिए 111 दिनों तक अनशन किया, और हरियाणा के ओलंपिक पहलवानों सहित 750 किसान, दलित और आदिवासी भी इस जालिम सरकार के शिकार हुए हैं।


वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति

खड़गे ने कहा कि जो भी आवाज उठाता है, उसे 'देश-विरोधी' या 'परजीवी' करार दिया जाता है। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुई घटनाओं को लोकतंत्र और संविधान पर एक और काला धब्बा बताया। खड़गे ने 'स्टूडेंट्स इको' आंदोलन का भी जिक्र किया, जो कोटा और देहरादून से शुरू हो चुका है और निश्चित रूप से दिल्ली तक पहुंचेगा। यह बयान तब आया जब दिल्ली पुलिस ने वांगचुक को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन से सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। उनकी लंबी भूख हड़ताल के कारण स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं थीं।


डॉक्टरों की रिपोर्ट

सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. चारू बांबा ने बताया कि वांगचुक की स्थिति स्थिर है, लेकिन उपवास के कारण उन्हें हल्की डिहाइड्रेशन और कमजोरी महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि वांगचुक सुबह करीब 7:40 बजे अस्पताल पहुंचे। लंबे उपवास के कारण वे थोड़े कमजोर हैं, लेकिन उनके सभी स्वास्थ्य पैरामीटर स्थिर हैं। उनकी लगातार निगरानी की जा रही है और इलाज जारी है।


पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया

दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की कि वांगचुक को उनकी बिगड़ती सेहत के कारण दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और मेडिकल सलाह के आधार पर शिफ्ट किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान पूरी सावधानी बरती गई। वांगचुक NEET पेपर लीक विवाद समेत देशभर में परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस कार्रवाई की कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसे विपक्षी नेताओं ने आलोचना की है।