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कांग्रेस अध्यक्ष ने भारत की गिरती पासपोर्ट रैंकिंग पर केंद्र सरकार को घेरा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारत की गिरती पासपोर्ट रैंकिंग और पर्यटकों की संख्या में कमी को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों को भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का कारण बताया। खड़गे ने पासपोर्ट फीस में वृद्धि और विदेशी पर्यटकों की कमी पर भी सवाल उठाए। क्या मोदी सरकार अपनी विफलताओं को छिपा रही है? जानें पूरी कहानी में।
 

कांग्रेस अध्यक्ष की आलोचना

कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को भारत की गिरती पासपोर्ट रैंकिंग और पर्यटकों की संख्या में कमी पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने का कारण बताया। खड़गे ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और ग्लोबल सिटिज़न सॉल्यूशंस के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भारत ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में क्रमशः 80वें और 125वें स्थान पर गिर गया है। इसके साथ ही, उन्होंने पासपोर्ट फीस में हालिया वृद्धि पर भी सवाल उठाया, यह कहते हुए कि केंद्र ने सेवाओं में सुधार करने के बजाय पासपोर्ट को महंगा कर दिया है।


मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल

खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मोदी सरकार की नीतियां भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने पीएम मोदी के 2018 में किए गए दावे का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय पासपोर्ट की ताकत को विदेशों में पहचाना जाता है। खड़गे ने सवाल किया कि वह ताकत कहां है, क्योंकि आंकड़े उनके दावों को गलत साबित कर रहे हैं। एक ग्लोबल पासपोर्ट रैंकिंग में, भारत 2013 में 74वें स्थान से गिरकर 2026 में 80वें स्थान पर आ गया है।


पर्यटकों की संख्या में कमी

कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भारत में विदेशी पर्यटकों का आगमन कोविड-पूर्व स्तर से कम है। 2019 में 10.93 मिलियन विदेशी पर्यटक आए थे, जो 2024 में घटकर 9.95 मिलियन रह गए हैं। उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या मोदी सरकार NRI के आगमन को विदेशी पर्यटकों के आंकड़ों के साथ मिलाकर अपनी विफलता को छिपा रही है। इसके अलावा, उन्होंने भारत के आधिकारिक वीज़ा आवेदन पोर्टल की पुरानी और जटिल स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की।