कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने मोदी सरकार पर ईंधन और उर्वरक संकट का आरोप लगाया
खरगे का मोदी सरकार पर हमला
कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय सरकार पर आरोप लगाया है कि वह देश के ईंधन और उर्वरक आपूर्ति को सुरक्षित करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि भारत में ईंधन उत्पादन में कमी आई है, आयात विविधीकरण में बाधाएं आ रही हैं, और होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय ध्वज वाले 14 जहाज फंसे हुए हैं। खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने परिसीमन के माध्यम से अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश की है, लेकिन देश ने इस रणनीति को समझ लिया है। भाजपा ईंधन और उर्वरक सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह से असफल रही है।
उत्पादन में गिरावट और उर्वरक संकट
खरगे ने आगे कहा कि उत्पादन में गिरावट आई है और आयात विविधीकरण में असफलता का सामना करना पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग नहीं मिल रहा है। मोदी सरकार के कारण भारत का कच्चा तेल उत्पादन 2025-26 में लगातार 11वें वर्ष गिर रहा है। 2014-15 से कुल कच्चे तेल उत्पादन में लगभग 22% की कमी आई है। गैस उत्पादन में भी लगभग 40% की गिरावट आई है, जो 2011-12 में 47,555 मिलियन माइक्रोमीटर सेमी (MMSCM) से घटकर 2020-21 में 28,672 मिलियन माइक्रोमीटर सेमी (MMSCM) हो गया है।
किसानों की स्थिति और उर्वरक की कमी
उर्वरक भंडार के संदर्भ में, खरगे ने कहा कि भू-राजनीतिक उथल-पुथल से पहले भी कई मौसमों में उर्वरक की कमी की खबरें आई थीं। भाजपा की उदासीनता के कारण भारतीय किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मार्च 2026 में उर्वरक उत्पादन पिछले पांच वर्षों के निचले स्तर पर पहुंच गया, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 24.6% की गिरावट दर्ज की गई। उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने जुलाई 2025 में विशेष उर्वरकों पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन मोदी सरकार ने आयात में विविधता लाने का प्रयास नहीं किया। रूस ने भी अब उर्वरक निर्यात रोक दिया है।
प्रधानमंत्री की आलोचना
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परोक्ष आलोचना करते हुए कहा कि हाल ही में मार्दर्शक मंडल के सदस्य श्री मुरली मनोहर जोशी ने सुझाव दिया था कि भारत को 'विश्वगुरु' की बयानबाजी बंद कर देनी चाहिए।