कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के आवास पर मॉक पार्लियामेंट में अभिषेक मनु सिंघवी का तीखा हमला
विपक्ष का विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली। विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने विरोध को और अधिक मुखर कर दिया है। इस संदर्भ में, शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सरकारी आवास पर एक विशेष मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रसिद्ध वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश का संविधान और चुनाव आयोग जैसी संस्थाएं किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं हैं, और देश कभी भी किसी को अपनी मर्जी से संविधान चलाने की अनुमति नहीं देगा।
सिंघवी का बयान
खरगे के आवास पर उपस्थित विपक्षी नेताओं और सांसदों को संबोधित करते हुए सिंघवी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को संविधान के दायरे में अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए, लेकिन उनके कार्यों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर जोर देते हुए कहा कि यह एक स्वतंत्र और स्वायत्त संस्थान है, जिसे किसी के व्यक्तिगत प्रभाव से संचालित नहीं किया जा सकता। इस कार्यक्रम के माध्यम से विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एक मजबूत संदेश देने का प्रयास किया है, जिसमें उनके कार्यों की प्रक्रिया पर गहरी आपत्ति जताई गई।
लोकतंत्र की सुरक्षा
सिंघवी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के नागरिक कभी भी यह स्वीकार नहीं करेंगे कि कोई संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति नियमों को नजरअंदाज कर अपनी मर्जी से देश की व्यवस्था चलाए। लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और पारदर्शी होनी चाहिए। इस सांकेतिक विरोध सभा में विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उनके कदमों पर सवाल उठाए।
पब्लिक इम्पीचमेंट का आयोजन
ज्ञात रहे कि 'इंडिया' गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इस अनूठे विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी, जिसे विपक्षी दलों ने 'पब्लिक इम्पीचमेंट' का नाम दिया है। इस मॉक पार्लियामेंट के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त पर उठाए गए विभिन्न बिंदुओं और आरोपों पर खुलकर चर्चा की गई। हालांकि, यह आधिकारिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं है, बल्कि विपक्षी दलों का एक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन है, जिसके जरिए वे अपनी नाराजगी और असंतोष व्यक्त कर रहे हैं।
मतदाता सूची का विवाद
इस पूरे विवाद का मुख्य कारण मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी 'एसआईआर' से जुड़े मुद्दे बताए जा रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर आम नागरिकों और मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे पात्र मतदाताओं के मताधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। यह विरोध यहीं समाप्त नहीं होगा, क्योंकि 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 'इंडिया' गठबंधन की एक विशाल रैली का आयोजन होने जा रहा है।