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कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट के मामले में 36 साल बाद आरोप पत्र दाखिल

कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट के अपहरण और हत्या के मामले में 36 साल बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया है। इसमें जेकेएलएफ के मोहम्मद यासीन मलिक को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। यह मामला उस समय की त्रासदी का प्रतीक है जब घाटी में आतंकवाद का माहौल था। अब इस कानूनी प्रक्रिया के आगे बढ़ने से पीड़ित परिवारों में न्याय की उम्मीद जगी है।
 

कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट का मामला

जम्मू-कश्मीर पुलिस की राज्य जांच एजेंसी ने कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट के अपहरण, यातना और हत्या के मामले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 736 पन्नों का आरोप पत्र अदालत में पेश किया है। यह मामला 1990 का है, जिसमें प्रतिबंधित संगठन जेकेएलएफ के पूर्व कमांडर मोहम्मद यासीन मलिक और उसके चार सहयोगियों को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। इस मामले की जांच को 2024 में विधानसभा चुनावों से लगभग छह महीने पहले फिर से शुरू किया गया था, जिससे न्याय की उम्मीदें फिर से जागृत हुई हैं।


आरोप पत्र की जानकारी

यह आरोप पत्र श्रीनगर की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया गया है, जहां आतंकवाद से संबंधित मामलों की सुनवाई होती है। जांच एजेंसी के अनुसार, मोहम्मद यासीन मलिक ने अपने सहयोगियों को सरला भट के अपहरण और हत्या का आदेश दिया था।


सरला भट का जीवन

सरला भट, जो दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले की निवासी थीं, श्रीनगर के शेर ए कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत थीं। उस समय घाटी में आतंकवाद तेजी से बढ़ रहा था, लेकिन सरला भट ने घाटी नहीं छोड़ी।


अपहरण और हत्या की घटना

आरोप पत्र के अनुसार, 18 अप्रैल 1990 को सरला भट का अपहरण किया गया। उन्हें कई बार अमानवीय यातनाएं दी गईं और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। उनका शव अगले दिन श्रीनगर के उमर कालोनी में मिला, जिसके पास एक पर्ची थी, जिसमें उन्हें मुखबिर बताया गया था।


जांच एजेंसी का बयान

जांच एजेंसी ने इस आरोप को मनगढंत बताया है और कहा है कि यह केवल हत्या को वैध ठहराने के लिए गढ़ा गया था। एजेंसी ने इसे न्याय की पुनः पुष्टि और आतंकवाद से प्रभावित परिवारों के लिए उम्मीद का संदेश बताया है।


आरोपियों की स्थिति

इस मामले में नामजद तीन आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है। जांच एजेंसी ने इस देरी के लिए आतंकवादी संगठनों द्वारा उत्पन्न भय को जिम्मेदार ठहराया है। वर्तमान में, मोहम्मद यासीन मलिक तिहाड़ जेल में बंद है, जबकि खुरशीद अहमद चाल्कू फरार है।


आरोप पत्र में शामिल धाराएं

आरोप पत्र में भारतीय दंड संहिता, रणबीर दंड संहिता, टाडा और भारतीय आयुध अधिनियम की विभिन्न धाराएं शामिल की गई हैं। इसमें अपहरण, हत्या, साजिश रचना और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े अपराध शामिल हैं।


मामले का महत्व

यह मामला केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि उस समय की त्रासदी का प्रतीक है जब कश्मीर घाटी में आतंकवाद का माहौल चरम पर था। सरला भट की हत्या ने कश्मीरी पंडित समुदाय में गहरी दहशत पैदा की थी। अब इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के आगे बढ़ने से पीड़ित परिवारों में न्याय की उम्मीद जगी है।