कश्मीर में संघर्षविराम पर राजनीतिक हलचल: उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के बयान
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच संघर्षविराम के बाद कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अमेरिका की भूमिका पर चिंता जताई है, जबकि महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान की प्रशंसा की है। दोनों नेताओं के बयानों ने इस मुद्दे पर नई बहस को जन्म दिया है। जानें उनके विचार और इस स्थिति का क्या प्रभाव हो सकता है।
Apr 9, 2026, 14:27 IST
कश्मीर में राजनीतिक बयानबाजी
हालांकि ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच संघर्षविराम हो चुका है, लेकिन कश्मीर में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारत की इजराइल के साथ बढ़ती नजदीकियों पर सवाल उठाए हैं, वहीं महबूबा मुफ्ती पाकिस्तान की प्रशंसा करने में पीछे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अल्लाह का शुक्र है कि पाकिस्तान ने एक संभावित विश्व युद्ध को टाल दिया।
उमर अब्दुल्ला का बयान
उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि इस संघर्ष की असली कुंजी अमेरिका के हाथ में है। श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ने इजरायल को नियंत्रित नहीं किया, तो यह संघर्षविराम लंबे समय तक नहीं टिकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा टकराव ईरान पर थोपे गए हैं।
अमेरिका की भूमिका पर चिंता
उमर ने कहा कि संघर्ष का परिणाम इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका जैसे देश स्थिति को कितनी अच्छी तरह संभालते हैं। उन्होंने इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ती तनाव पर चिंता व्यक्त की और कहा कि यदि हालात को नहीं संभाला गया, तो यह आग और भड़क सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर भी उन्होंने तीखा हमला किया, यह कहते हुए कि बार-बार बदलते बयान वैश्विक अस्थिरता को बढ़ाते हैं।
युद्ध की सोच पर सवाल
उमर अब्दुल्ला ने युद्ध की बुनियादी सोच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध का स्पष्ट लक्ष्य होना चाहिए, अन्यथा यह केवल विनाश का कारण बनता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत के इजरायल के साथ करीबी संबंध उसे एक निष्पक्ष मध्यस्थ बनने से रोकते हैं।
महबूबा मुफ्ती का दृष्टिकोण
दूसरी ओर, पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इस संघर्षविराम को राहत की सांस बताया है, लेकिन उनके बयान ने नई बहस को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया, जबकि अमेरिका ने स्कूलों और अस्पतालों पर हमले किए। महबूबा ने ईरान की हिम्मत की प्रशंसा की और इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया।
पाकिस्तान की भूमिका
महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया, यह कहते हुए कि उसने इस संघर्ष को विश्व युद्ध में बदलने से रोका।