कश्मीर में नववर्ष का जश्न: सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी के बीच मनाया गया
कश्मीर के लाल चौक पर 31 दिसंबर 2025 की रात नववर्ष का जश्न धूमधाम से मनाया गया, जिसमें सुरक्षा बलों ने कड़ी निगरानी रखी। इस अवसर पर देश-विदेश से आए सैलानियों ने सड़कों पर उमड़कर नए साल का स्वागत किया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की सक्रियता भी बढ़ी है। जानें इस ऐतिहासिक रात की विशेषताएं और सुरक्षा बलों की तैयारियों के बारे में।
Jan 1, 2026, 20:21 IST
लाल चौक पर नववर्ष का उल्लास
कश्मीर का लाल चौक, जो पहले शाम सात बजे के बाद सुनसान हो जाता था, 31 दिसंबर 2025 की रात एक नए रूप में नजर आया। नववर्ष के स्वागत के लिए देर रात तक जश्न मनाया गया, जिसमें देश-विदेश से आए सैलानियों की बड़ी संख्या सड़कों पर उमड़ी। रोशनी, संगीत और उत्साह के बीच नए साल का स्वागत किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। चारों ओर सुरक्षा बलों की तैनाती, सतर्क निगरानी और सख्त जांच व्यवस्था यह दर्शा रही थी कि शांति और जश्न में खलल डालने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा बलों की सक्रियता
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के मंसूबों को नाकाम करने के लिए सुरक्षा बल पूरी ताकत से तैयार हैं। चिनाब घाटी से लेकर कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। संदेश स्पष्ट है कि जश्न के माहौल को बिगाड़ने की किसी भी साजिश को तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा। चिनाब घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह, उधमपुर, रियासी और कठुआ में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने निगरानी को बढ़ा दिया है। पहले आतंकियों के लिए सुरक्षित स्थान रहे बर्फ से ढके पहाड़ अब उनके लिए खतरा बन गए हैं।
आतंकियों की गतिविधियों पर नजर
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू क्षेत्र के जंगलों में 30 से 35 पाकिस्तानी आतंकियों की मौजूदगी की सूचना है। ऊपरी दर्रे बंद होने से पहले आतंकियों के निचले इलाकों की ओर खिसकने की आशंका को देखते हुए उच्च, मध्य और ऊपरी पर्वतीय क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पिछले सप्ताह से चिनाब घाटी के साथ-साथ राजौरी और पुंछ में भी बड़े पैमाने पर आतंकवाद-रोधी अभियान जारी हैं। सुरक्षा बलों का उद्देश्य आतंकियों को कोई भी मौका न देना और उनके समर्थन प्रणाली को पूरी तरह से ध्वस्त करना है।
नववर्ष के दौरान सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आतंकी मौसम और भूगोल का लाभ उठाकर नववर्ष के दौरान वारदात करने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए हर संभावित रास्ते पर सुरक्षा कड़ी की गई है। घाटी के भीतर, विशेषकर पर्यटन स्थलों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। श्रीनगर सहित सभी प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर वाहनों की गहन जांच, बढ़ी हुई गश्त और सख्त निगरानी जारी है। जहां-जहां नववर्ष समारोह हो रहे हैं, वहां सुरक्षा बलों की भारी तैनाती सुनिश्चित की गई है।
आतंक के नेटवर्क पर कार्रवाई
कठुआ जिले से आतंक के नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार की खबर आई है। वर्ष 2025 के दौरान 39 ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) की पहचान की गई, जिनमें से 18 पर नागरिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत कार्रवाई की गई। ये वे लोग हैं जो सीधे हथियार नहीं उठाते, लेकिन आतंक को जिंदा रखने के लिए धन, ठिकाना और सूचनाएं मुहैया कराते हैं। आतंकवाद से जुड़े चार मामलों में सात गिरफ्तारियां और दो आतंकियों का सफाया यह दर्शाता है कि कार्रवाई केवल मोर्चे पर नहीं, बल्कि जड़ों तक पहुंच रही है। भद्रवाह से विधायक दलीप सिंह परिहार ने कहा कि लोग अगर शांतिपूर्वक नववर्ष मना पा रहे हैं, तो यह सेना और पुलिस के निरंतर त्याग और बलिदान का परिणाम है।