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कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा पर लगाई रोक

कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। हालांकि, उन्हें चुनावी भाषणों के मामले में पुलिस की कार्रवाई से 30 सितंबर तक सुरक्षा दी गई है। कोर्ट ने कहा कि विदेश यात्रा की याचिका पर तभी विचार किया जाएगा जब स्थानीय अस्पताल यह पुष्टि करे कि कोलकाता में उनका इलाज संभव नहीं है। इस मामले की अगली सुनवाई अगले महीने होगी। बनर्जी के वकीलों ने अदालत में कहा कि वह पिछले 10 वर्षों से अमेरिका में इलाज करवा रहे हैं।
 

अभिषेक बनर्जी को विदेश यात्रा की अनुमति नहीं

कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति देने से मना कर दिया। हालांकि, उन्हें चुनावी भाषणों के मामले में पुलिस की कार्रवाई से 30 सितंबर तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान की गई है। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच ने सरकारी SSKM मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में उनकी जांच कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विदेश यात्रा की याचिका पर विचार तब किया जाएगा जब SSKM अस्पताल का मेडिकल बोर्ड यह पुष्टि करे कि कोलकाता में उनका इलाज संभव नहीं है। इस मामले की अगली सुनवाई अगले महीने होगी। बनर्जी के वकीलों ने अदालत को बताया कि वह पिछले एक दशक से अपने इलाज के लिए अमेरिका जा रहे हैं और उन्हें यात्रा की अनुमति मिलनी चाहिए।


जांच पर असर डाल सकती है विदेश यात्रा

एडिशनल एडवोकेट जनरल राजदीप मजूमदार ने कहा कि यदि बनर्जी विदेश जाते हैं, तो इससे चल रही जांच पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिसमें वह मामला भी शामिल है जिसमें उन पर 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। 15 मई को बनर्जी के खिलाफ उनके प्रचार भाषणों को लेकर भारतीय न्याय संहिता और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन पर लगाए गए आरोपों में से दो गैर-ज़मानती हैं। 16 जून को, क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट ने बनर्जी से लगभग साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की।


कोर्ट की सख्त टिप्पणियाँ

10 जुलाई को जस्टिस भट्टाचार्य ने चुनाव भाषण मामले में दो नोटिस मिलने के बावजूद बनर्जी द्वारा अपना वॉयस सैंपल न देने पर उन्हें फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने पुलिस की सख्त कार्रवाई से 31 जुलाई तक की राहत केवल इस शर्त पर दी थी कि बनर्जी जांच में सहयोग करेंगे। वॉयस सैंपल रिकॉर्डिंग से छूट की मांग करने वाली बनर्जी की याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें 15 जुलाई को अपना वॉयस सैंपल देने का निर्देश दिया। कोर्ट की कड़ी टिप्पणियों के बाद बनर्जी के वकील अयान भट्टाचार्य ने याचिका वापस ले ली।