कर्नाटक सरकार ने 'प्रजा सेवा विभाग' का गठन किया, प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम
कर्नाटक सरकार ने डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व में एक नया 'प्रजा सेवा विभाग' स्थापित किया है, जिसका उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान और प्रशासनिक सुधार को सुनिश्चित करना है। इस विभाग के गठन से सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में सुधार और प्रक्रियाओं में देरी को कम करने की उम्मीद है। यह कदम नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
Jun 25, 2026, 14:26 IST
कर्नाटक में नया प्रशासनिक ढांचा
कर्नाटक सरकार, जिसका नेतृत्व डी.के. शिवकुमार कर रहे हैं, ने शासन और जन-सेवा वितरण में सुधार लाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किया है। इस बदलाव के तहत, नागरिकों से जुड़ी प्रमुख सेवाओं और सुधारात्मक विभागों को एकीकृत कर एक नया 'प्रजा सेवा विभाग' स्थापित किया गया है। इस निर्णय को राज्य कैबिनेट ने स्वीकृति दी और 24 जून को एक सरकारी आदेश के माध्यम से इसे औपचारिक रूप दिया गया। यह नया विभाग राज्यभर में नागरिकों की शिकायतों का समाधान, प्रशासनिक सुधार, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। रीस्ट्रक्चरिंग के तहत, प्रशासनिक सुधार विंग, जन शिकायत विभाग और सकाला मिशन को इस नए विभाग में समाहित किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रजा सेवा विभाग जनस्पंदन और सकाला जैसी प्रमुख सार्वजनिक आउटरीच पहलों की देखरेख भी करेगा। इसका उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों और सेवाओं से संबंधित मांगों का त्वरित और समय पर समाधान सुनिश्चित करना है। इस नए ढांचे को समर्थन देने के लिए, राज्य सरकार ने 73 पदों को मंजूरी दी है और मर्ज किए गए विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को एक ही प्रशासनिक सेटअप के तहत लाया गया है। इस कदम से विभागों के बीच समन्वय में सुधार, प्रक्रियाओं में देरी को कम करने और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में सुधार की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि इस रीस्ट्रक्चरिंग का मुख्य उद्देश्य गवर्नेंस में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यक्षमता को बढ़ाना है, साथ ही नागरिकों और सरकारी कार्यालयों के बीच संवाद को अधिक प्रभावी बनाना है। इस पहल को कर्नाटक में नागरिक-केंद्रित प्रशासन के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है।