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कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में क्रॉस-वोटिंग पर बीजेपी का एक्शन

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में क्रॉस-वोटिंग की घटनाओं के बाद बीजेपी ने कड़ी कार्रवाई की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के नेताओं को तलब किया है और विश्वासघात करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस चुनाव में कांग्रेस ने पांच सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी ने दो सीटें हासिल कीं। जानें इस चुनाव के परिणाम और बीजेपी की रणनीति के बारे में।
 

बीजेपी अध्यक्ष ने कर्नाटक पार्टी नेताओं को तलब किया

राज्य विधान परिषद चुनावों में क्रॉस-वोटिंग की घटनाओं के बाद, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को कर्नाटक पार्टी प्रमुख बीवाई विजयेंद्र और अन्य नेताओं को बुलाया। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, नवीन ने क्रॉस-वोटिंग पर गंभीर आपत्ति जताई है और येदियुरप्पा सहित अन्य नेताओं से 23 जून को मुलाकात करने का अनुरोध किया है। कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद यह पहला चुनावी मुकाबला था, जिसमें सत्ताधारी कांग्रेस ने विधान परिषद की सात सीटों में से पांच पर जीत हासिल की, जबकि विपक्षी बीजेपी ने दो सीटें जीतीं।


क्रॉस-वोटिंग के कारण कांग्रेस को मिला अधिक वोट

सूत्रों के अनुसार, चुनाव परिणामों में बीजेपी और जद (एस) के विधायकों की क्रॉस-वोटिंग का खुलासा हुआ, जिससे कांग्रेस को 151 वोट मिले, जो कि उनके अनुमानित 140 वोटों से 11 अधिक थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस चुनाव में बीजेपी के तीन और जद (एस) के आठ विधायकों ने कथित तौर पर क्रॉस-वोटिंग की, और बीजेपी के एक विधायक का वोट अमान्य कर दिया गया।


पार्टी के नेताओं ने कार्रवाई की चेतावनी दी

बीजेपी के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने स्वीकार किया कि पार्टी के कुछ विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, उनकी पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र ने कहा, "किसने क्रॉस-वोटिंग की और क्यों? जानकारी मिलने के बाद पार्टी उचित निर्णय लेगी।"


चुनाव में उम्मीदवारों की सूची

कर्नाटक विधानसभा के सदस्यों ने विधान सौध में हुए चुनाव में मतदान किया। इस चुनाव में सात सीटों के लिए आठ उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें कांग्रेस के थिप्पन्नप्पा कामकनूर, पी. वी. मोहन, बी. के. हरिप्रसाद (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष), शिवन्ना बी एस, और विनय कार्तिक प्रकाश तथा बीजेपी के लिंगराज पाटिल और रघु आर और जद (एस) के गोविंदराजू शामिल थे। कांग्रेस के सभी पांच उम्मीदवारों और बीजेपी के दोनों उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि जद (एस) के गोविंदराजू को हार का सामना करना पड़ा।