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कर्नाटक में वोटर लिस्ट पर विवाद: शोभा करंदलाजे ने उठाए गंभीर सवाल

केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक में वोटर लिस्ट के संबंध में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य चुनाव आयोग ने ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र में वोटर लिस्ट का 'समांतर' स्पेशल इंटेंसिव रिविजन किया है, जिसका उद्देश्य राहुल गांधी को खुश करना है। करंदलाजे ने इस प्रक्रिया को अवैध प्रवासियों को वोटर लिस्ट में शामिल करने के प्रयास के रूप में देखा है। उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र भी लिखा है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
 

शोभा करंदलाजे का आरोप

केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग (KSEC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आयोग ने ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) क्षेत्र में वोटर लिस्ट का 'समांतर' स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) किया है, जिसका उद्देश्य राहुल गांधी को खुश करना है। करंदलाजे ने पूरे कर्नाटक में वोटर लिस्ट को सुधारने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर दो पत्र लिखे हैं, जिनमें से एक मुख्य चुनाव आयुक्त को संबोधित है, ताकि GBA के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्रों में KSEC द्वारा किए जा रहे बदलावों में तुरंत हस्तक्षेप किया जा सके।


SIR की प्रक्रिया पर सवाल

करंदलाजे ने बताया कि GBA के अंतर्गत 27 वार्डों में दो SIR चल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य चुनाव आयोग यहाँ SIR क्यों करवा रहा है। उनका आरोप है कि यह प्रक्रिया राहुल गांधी को संतुष्ट करने के लिए की जा रही है। मंत्री ने यह भी कहा कि SIR का उद्देश्य वोटर लिस्ट से अवैध प्रवासियों, मृत व्यक्तियों और अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाना है। उन्होंने यह भी बताया कि यह SIR 20 वर्षों बाद हो रहा है।


गैर-कानूनी वोटर लिस्ट का आरोप

करंदलाजे ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार एक नई 'गैर-कानूनी' वोटर लिस्ट तैयार कर रही है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया कि वे अवैध प्रवासियों को वोटर लिस्ट में शामिल करने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फिर से एक गैर-कानूनी वोटर लिस्ट बनाने की योजना बना रही है। उनके अनुसार, अधिकारी अवैध तरीके से वोटरों को लिस्ट में जोड़ रहे हैं।


जन्म प्रमाण-पत्रों का मुद्दा

करंदलाजे ने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अवैध तरीके से जन्म प्रमाण-पत्र और स्थायी निवासी प्रमाण-पत्र जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के कई साइबर सेंटरों में अवैध तरीके से जन्म प्रमाण-पत्र दिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यह प्रमाण-पत्र बांग्लादेश से आए लोगों को मतदाता बनाने के लिए जारी किए जा रहे हैं।