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कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें: सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से मांगी स्पष्टीकरण

कर्नाटक की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से राज्य में सत्ता संघर्ष को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। इस घटनाक्रम के बीच, सिद्धारमैया अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करना चाहते हैं। कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान के पीछे 'ढाई-ढाई साल' का कथित समझौता है, जिसके अनुसार सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को साझा करने की बात चल रही है। जानें इस राजनीतिक हलचल के पीछे की पूरी कहानी।
 

कर्नाटक की राजनीति में हलचल

कर्नाटक में राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव की संभावनाओं के बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से स्पष्टीकरण मांगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिद्धारमैया ने कहा है कि राज्य में सत्ता संघर्ष को लेकर "लगातार भ्रम" की स्थिति बनी हुई है।


उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात करने की इच्छा जताई है, ताकि वह अपने मंत्रिमंडल के विस्तार पर चर्चा कर सकें। यह घटनाक्रम कांग्रेस सरकार के भीतर नेतृत्व तनाव के बीच आया है, जबकि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने किसी भी आंतरिक संकट से इनकार किया है।


सिद्धारमैया की मांग

भ्रम की स्थिति: मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी से कहा है कि राज्य में सत्ता संघर्ष को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता है।


मुलाकात की इच्छा: सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करना चाहते हैं और इस पर चर्चा के लिए राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा है।


विवाद की मुख्य वजह

कर्नाटक कांग्रेस में चल रही खींचतान के पीछे 'ढाई-ढाई साल' का कथित फॉर्मूला है।


समझौता: चर्चा है कि 2023 के चुनाव के बाद सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को साझा करने का समझौता हुआ था।


कार्यकाल: सरकार का आधा कार्यकाल नवंबर 2025 में पूरा होगा, जिसके बाद डी.के. शिवकुमार के समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का दबाव बना रहे हैं।


सिद्धारमैया का रुख: मुख्यमंत्री गुट का कहना है कि ऐसा कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ था और वे अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।


खड़गे का बयान

पिछले महीने, कांग्रेस अध्यक्ष ने नेतृत्व संघर्ष की खबरों को कम करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी आलाकमान के स्तर पर कोई कन्फ्यूजन नहीं है।


खड़गे ने पार्टी नेताओं को चेतावनी दी कि वे कर्नाटक में कांग्रेस की चुनावी सफलता का व्यक्तिगत श्रेय न लें।


नेतृत्व संघर्ष का विवरण

चर्चा एक कथित आंतरिक समझौते पर केंद्रित है कि सिद्धारमैया और शिवकुमार CM पद को साझा करेंगे। सिद्धारमैया ने 20 मई, 2023 को शपथ ली थी, और पिछले साल 20 नवंबर के आसपास नेतृत्व परिवर्तन की उम्मीद थी।


कांग्रेस ने इस बात से इनकार किया है कि सत्ता साझा करने पर ऐसा कोई समझौता हुआ था। शिवकुमार ने कहा कि गुटबाजी उनके खून में नहीं है और उन्होंने फिर से कहा कि सिद्धारमैया मुख्यमंत्री के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।


बीजेपी का आरोप

बीजेपी ने कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व पर बार-बार निशाना साधा है, यह दावा करते हुए कि सिद्धारमैया और शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के लिए रोज़ाना सत्ता संघर्ष में उलझे हुए हैं।