×

कर्नाटक में नदी में डूबने से आठ लोगों की मौत, पीएम मोदी ने मुआवजे की घोषणा की

कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में थट्टे हक्कालु नदी में एक दुखद घटना में आठ लोगों की डूबने से मौत हो गई, जिनमें सात महिलाएं शामिल हैं। यह हादसा भटकल के पास हुआ, जब लोग मीठे पानी की सीप इकट्ठा कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा की। बचाव कार्य जारी है और दो लोग अभी भी लापता हैं।
 

कर्नाटक में दुखद हादसा

बंगलूरू। कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले की थट्टे हक्कालु नदी में एक दुखद घटना में आठ व्यक्तियों की डूबने से जान चली गई, जिनमें से सात महिलाएं थीं। यह हादसा भटकल के निकट हुआ, जिसके बाद प्रशासन और बचाव दल ने व्यापक खोज अभियान शुरू किया है। राहत कार्य अभी भी जारी है।


हादसे का विवरण

पुलिस के अनुसार, एक ही परिवार के आठ सदस्य नदी में मीठे पानी की सीप (मसल्स) इकट्ठा करने गए थे। इस दौरान, वे पानी के स्तर का सही अनुमान नहीं लगा पाए और गहरे हिस्से में चले गए। अचानक पानी का बहाव तेज हो गया, जिससे कुछ लोग बहने लगे। अन्य लोग उनकी मदद के लिए नदी में कूद गए, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। अब तक आठ शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं।


मृतकों की पहचान

मृतकों में उमेश मनजुनाथ नाइक (40), लक्ष्मी महादेव नाइक (42), लक्ष्मी जतप्पा नाइक (30), लक्ष्मी अप्पन्ना नाइक (60), लक्ष्मी शिवराम नाइक (49), ज्योति मस्तम्मा नाइक (34), मालती नाइक (38) और मस्तम्मा नाइक (60) शामिल हैं।


बचाव कार्य और लापता लोग

बचाव दल ने दो लोगों, नागरत्ना और महादेवी, को सुरक्षित निकाल लिया है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोग और पुलिस टीम लगातार खोज अभियान में जुटे हुए हैं।


मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने का आश्वासन दिया है।


बारिश का प्रभाव

सूत्रों के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब बारिश के कारण नदी का बहाव तेज हो गया। कई लोग इस काम में अनुभवी थे, लेकिन अचानक आई बाढ़ ने उन्हें चौंका दिया। अधिकारियों को यह पता लगाने की आवश्यकता है कि कितने लोग तैरना जानते थे।