कर्नाटक में ठेकेदारों के बकाया बिलों पर सियासी घमासान
कर्नाटक में ठेकेदारों के लंबित बिलों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान छिड़ गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि ये बिल उनके शासनकाल के दौरान बकाया रहे हैं। भाजपा ने इस मुद्दे को भुनाते हुए कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। ठेकेदार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो वे काम बंद कर देंगे। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके राजनीतिक निहितार्थ।
Jan 30, 2026, 12:38 IST
सिद्धारमैया का भाजपा पर आरोप
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ठेकेदारों के लंबित बिलों का आरोप भाजपा पर लगाया है। कर्नाटक ठेकेदार संघ ने लगभग 38,000 करोड़ रुपये के बकाया का दावा किया, जिसके बाद भाजपा ने सरकार पर हमला बोल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें से अधिकांश बिल भाजपा के शासनकाल के दौरान बकाया रहे हैं। सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि ये लंबित बिल भाजपा द्वारा छोड़े गए हैं। मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बताया कि 38,000 करोड़ रुपये में से 20,000 करोड़ रुपये भाजपा सरकार के कार्यकाल से हैं, जबकि बाकी हमारी सरकार के दौरान बने हैं। उन्होंने कहा कि अब बहुत अधिक राशि बकाया है और हमें इस पर ध्यान देना होगा।
भाजपा का पलटवार
भाजपा नेता डॉ. सीएन अश्वथ नारायण ने कहा कि जब भाजपा के शासन में ठेकेदारों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, तब कांग्रेस ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया था। अब वही लोग कांग्रेस सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निविदा जारी होने पर भुगतान समय पर होना चाहिए, अन्यथा ठेकेदार काम नहीं कर पाएंगे। सरकार को इस दिशा में अधिक जिम्मेदार बनना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारी स्थिति का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं और भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए हैं।
राजनीतिक टकराव का नया मोड़
भाजपा और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के बीच ठेकेदारों के विलंबित भुगतान का मुद्दा एक बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि राज्य में अभूतपूर्व भ्रष्टाचार फैला हुआ है। भाजपा नेता अरविंद बेल्लाड ने कहा कि कर्नाटक कांग्रेस पार्टी अब एटीएम बन गई है। सिद्धारमैया अपनी कुर्सी बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में हैं। इस प्रक्रिया में कर्नाटक को भारी नुकसान हो रहा है।
ठेकेदार संघ की चेतावनी
कर्नाटक राज्य ठेकेदार संघ ने पहले कहा था कि सरकार पर उनका लगभग 38,000 करोड़ रुपये का बकाया है। यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो वे काम बंद कर देंगे। संघ के अध्यक्ष मंजुनाथ ने कहा कि ठेकेदारों का बकाया जारी करने के लिए कई बार अनुरोध किया गया है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो फरवरी से काम बंद कर दिया जाएगा और 5 मार्च को हड़ताल की जाएगी।