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कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार की तैयारी, नए मंत्रियों की सूची तैयार

कर्नाटक की राजनीति में आज एक महत्वपूर्ण मोड़ आ सकता है, जब मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। कांग्रेस आलाकमान ने नए मंत्रियों की सूची को मंजूरी दे दी है, जिसमें 20 खाली पदों को भरने के लिए संभावित नाम शामिल हैं। इस विस्तार की पृष्ठभूमि में जाति, धर्म और क्षेत्रीय समीकरणों का ध्यानपूर्वक आकलन किया गया है। जानें विस्तार की पूरी कहानी और संभावित मंत्रियों के नाम।
 

कर्नाटक सरकार में कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया

कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति में लंबे समय से चल रही अटकलों का आज अंत हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार के कैबिनेट विस्तार के लिए अंतिम सूची को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने स्वीकृति दे दी है। नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन सोमवार शाम लगभग 4 बजे होने की संभावना है।


सूची की स्वीकृति और राज्यपाल को भेजना

सूत्रों ने बताया कि 20 खाली मंत्री पदों को भरने के लिए नामों पर अंतिम मुहर लगाई गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा सुबह लगभग 10 बजे आधिकारिक सूची जारी की जाएगी। इसके बाद, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार इसे अंतिम अनुमोदन के लिए राज्यपाल थावरचंद गहलोत को सौंपेंगे।


संभावित मंत्रियों की सूची

सूत्रों के अनुसार, संभावित मंत्रियों में निम्नलिखित नाम शामिल हो सकते हैं: पोनन्ना, रिज़वान अरशद, एसएस मल्लिकार्जुन, लक्ष्मण सावदी, यशवंतराय गौड़ा पाटिल, शरथ बचेगौड़ा, शिवलिंगे गौड़ा, चेलुवरयास्वामी, संतोष लाड, अजय सिंह, नयना मोटाम्मा, पुत्तरंगा शेट्टी, मंकल वैद्य, रघुमूर्ति, शिवराज तंगदागी, लक्ष्मी हेब्बालकर, मधु बंगारप्पा, और नारायणस्वामी।


कैबिनेट विस्तार की पृष्ठभूमि

मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह की संभावना आज शाम 4 बजे है। इससे पहले, मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि कांग्रेस नेतृत्व ने जाति, धर्म और क्षेत्रीय समीकरणों का ध्यानपूर्वक आकलन किया है। पार्टी नेतृत्व विभिन्न सामाजिक समूहों और क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा था।


कैबिनेट विस्तार की देरी

रिपोर्ट के अनुसार, कैबिनेट का विस्तार पहले 31 जुलाई को होने की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व की चर्चा के बाद इसे टाल दिया गया। 3 जून को शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद से इस विषय पर चर्चा चल रही है। वर्तमान में, कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित 14 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम स्वीकृत संख्या 34 है, जिससे मंत्रिपरिषद में 20 पद खाली हैं।