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कर्नाटक के गृह मंत्री का तेजस्वी सूर्या पर तीखा पलटवार

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या पर तीखा हमला करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने बेंगलुरु में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए श्वेत पत्र की मांग का जवाब देते हुए कई मुद्दों पर श्वेत पत्र जारी करने की आवश्यकता बताई। खड़गे ने राज्य की आर्थिक स्थिति का बचाव करते हुए कहा कि कर्नाटक की विकास दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इस राजनीतिक खींचतान ने राज्य में विकास और आर्थिक मुद्दों पर बहस को और तेज कर दिया है।
 

राजनीतिक विवाद का नया मोड़

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या पर कड़ा हमला किया। सूर्या ने बेंगलुरु में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए 'श्वेत पत्र' जारी करने की मांग की थी। इस पर खड़गे ने सुझाव दिया कि सूर्या को केंद्र सरकार से 'अच्छे दिन', सरकार के वादों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर श्वेत पत्र मांगना चाहिए। यह घटनाक्रम राज्य की कांग्रेस सरकार और विपक्ष के बीच विकास और आर्थिक मुद्दों पर चल रही राजनीतिक खींचतान को उजागर करता है, जो विशेष रूप से बेंगलुरु में देखी जा रही है.


केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल

पत्रकारों से बातचीत करते हुए खड़गे ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर्नाटक से हैं, इसलिए केंद्र सरकार को राज्य की आर्थिक नीतियों और उनके प्रभावों के बारे में बेहतर जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कर्नाटक की आर्थिक विकास दर की तुलना राष्ट्रीय औसत से करते हुए कहा कि यह अभी भी अधिक है। खड़गे ने कहा कि सभी को कर्नाटक की आर्थिक स्थिति का पता है और उन्हें हमसे पूछने की आवश्यकता नहीं है।


श्वेत पत्र की मांग

उन्होंने आगे कहा कि पहले उन्हें 'अच्छे दिन' का व्हाइट पेपर दिखाने दिया जाए। इसके अलावा, दो करोड़ नौकरियों के वादे, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) में गिरावट और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर भी श्वेत पत्र जारी करने की आवश्यकता है। खड़गे ने कहा कि राज्य सरकार के विकास से जुड़े आंकड़े पारदर्शी हैं और जनता के लिए उपलब्ध हैं।


बेंगलुरु के विकास पर सवाल

खड़गे ने बेंगलुरु की सड़कों पर 5,500 करोड़ रुपये खर्च करने के कांग्रेस सरकार के दावे पर सवाल उठाए और कहा कि सड़कों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। उन्होंने बेंगलुरु मेट्रो में आई रुकावट का भी जिक्र किया और कहा कि शहर के कामकाजी लोगों और प्रशासन की नाकामियों के बीच बड़ा अंतर है।