करण जौहर ने धर्मा प्रोडक्शन का आईपीओ लाने से किया इनकार
करण जौहर का आईपीओ पर स्पष्ट रुख
करण जौहर ने 2024 में अपनी कंपनी धर्मा प्रोडक्शन में 50% हिस्सेदारी अदार पूनावाला को बेचने की जानकारी दी। हाल ही में एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि पहले उन्हें अपनी कंपनी का आईपीओ लाने का सुझाव दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया।
धर्मा प्रोडक्शंस की स्थापना
धर्मा प्रोडक्शंस की स्थापना उनके पिता, प्रोड्यूसर यश जौहर ने की थी। करण ने एक यूट्यूब चैनल पर दिए गए साक्षात्कार में बताया कि उनके पिता ने उन्हें सलाह दी थी कि वे कभी भी आईपीओ न लाएं, क्योंकि यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है।
ब्रांड त्यानी ज्वैलरी पर चर्चा
करण ने अपने ज्वेलरी ब्रांड त्यानी के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि धर्मा में हिस्सेदारी बेचने के निर्णय तक पहुंचने में उन्हें कई साल लगे और इस दौरान वे कई बातों के प्रति सतर्क रहे।
हिस्सेदारी बेचने का अनुभव
करण ने बताया कि उन्होंने अपनी कंपनी में हिस्सेदारी बेचने में काफी समय लिया। उन्होंने धीरे-धीरे कंपनी को एक अच्छे स्तर पर पहुंचाया और तब जाकर यह निर्णय लिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिस्सेदारी बेचने के बाद भी वे कंपनी से जुड़े हुए हैं और पहले की तरह मेहनत कर रहे हैं।
आईपीओ पर करण का दृढ़ मत
आईपीओ के विषय पर बात करते हुए, करण ने कहा कि वे अपने ज्वेलरी ब्रांड त्यानी का आईपीओ नहीं लाएंगे और न ही धर्मा के लिए ऐसा करने का विचार है। उन्होंने कहा, "हम कभी नहीं करेंगे। मेरे पिता ने मुझसे कहा था कि ऐसा मत करना, यह हमारे स्वभाव में नहीं है।"
एग्जिट क्लॉज पर करण की प्रतिक्रिया
करण ने उस समय को याद किया जब उन्होंने अदार पूनावाला को 50% हिस्सेदारी बेची। उन्होंने बताया कि एग्जिट क्लॉज की चर्चा सुनकर वे आहत हो गए थे। उन्होंने कहा, "मैं क्यों जाऊंगा? यह मेरा जुनून है।" बाद में उन्हें समझ आया कि यह कॉन्ट्रैक्ट का सामान्य हिस्सा होता है।