औरंगाबाद में ठगी का मामला: बाबा ने पैसे की बारिश का दिया झांसा
पैसों की चाहत और ठगी का खेल
पैसे की इच्छा हर किसी में होती है। अधिकांश लोग कम समय और मेहनत में अधिक धन कमाने के लिए विभिन्न उपाय अपनाते हैं, लेकिन कई बार वे ठगी का शिकार भी हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला औरंगाबाद के छत्रपति संभाजीनगर में सामने आया, जहां एक बाबा लोगों को यह विश्वास दिलाता था कि वह उन्हें पैसे की बारिश करवा सकता है।
पुलिस की कार्रवाई
यह कहानी तब शुरू हुई जब शहर के पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार को एक गुप्त सूचना मिली। सूचना के अनुसार, एक बाबा पेट्रोल पंप के पास स्थित एक होटल में संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त था। पुलिस ने तुरंत अपनी विश्वसनीय टीम को इस मामले की जांच के लिए भेजा। इंस्पेक्टर संभाजी पवार, जो अपनी हाजिरजवाबी के लिए जाने जाते हैं, ने अपनी टीम के साथ होटल पर छापा मारा।
ठगों का जाल
पुलिस जब होटल के कमरे नंबर 305 में पहुंची, तो वहां विकास उत्तरवार नामक व्यक्ति छिपा हुआ था, जो खुद को तांत्रिक बाबा बताता था। उसके दो साथी, विलास कोहिले और शंकर कजाले, भी वहां मौजूद थे। ये तीनों मिलकर एक ऐसा जाल बुन रहे थे, जिसमें लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे थे।
खौफनाक सबूत
कमरों की तलाशी के दौरान पुलिस को नकली नोट, सिंदूर की डिब्बियां, सूखी जड़ें और नारियल मिले। ये सभी चीजें उन अनुष्ठानों का हिस्सा थीं, जिनके जरिए ये ठग भोले-भाले लोगों को बेवकूफ बनाते थे। एक अनुष्ठान के बाद, पैसे की बारिश का वादा किया जाता था। जांच टीम के एक अधिकारी ने बताया कि इन ठगों ने ऐसा माहौल बनाया था कि लोग उनकी बातों में आकर अपनी जमा-पूंजी सौंप देते थे।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस की पूछताछ में यह मामला और भी गंभीर हो गया। सहायक पुलिस निरीक्षक काशीनाथ महादुले की शिकायत पर इन तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके साथ ही, महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय प्रथाओं के खिलाफ कानून के तहत भी कार्रवाई की गई। इन तीनों को क्रांति चौक पुलिस स्टेशन ले जाया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।