ओवैसी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया न्याय की जीत
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर ओवैसी की प्रतिक्रिया
मुरादाबाद (उप्र), 25 जुलाई: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसे न्याय की एक महत्वपूर्ण जीत करार दिया। उन्होंने कहा कि यह उन युवाओं की जीत है जो संविधान के दायरे में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। ओवैसी ने शनिवार को मुरादाबाद के जामा मस्जिद पार्क में आयोजित एक जनसभा में पत्रकारों से बातचीत की।
ओवैसी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा देश के युवाओं के संघर्ष और प्रयासों की एक बड़ी सफलता है। उन्होंने इसे हक की जीत और झूठ पर विजय बताया। यह उन सभी युवाओं की मेहनत और बलिदान की जीत है।
उन्होंने कहा, "मैं उन्हें बधाई देता हूं।" एक सवाल के जवाब में ओवैसी ने कहा, "यदि नरेंद्र मोदी की सरकार सोचती है कि वह कुछ भी कर सकती है, तो इस आंदोलन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब तानाशाही नहीं चलेगी। लोकतंत्र को संविधान के दायरे में चलाना होगा।"
ओवैसी ने निर्धारित समय शाम पांच बजे के बजाय लगभग पौने सात बजे जनसभा को संबोधित किया। बारिश के कारण इलाके में बिजली बंद थी और प्रशासन ने लाइट की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद रहे। समर्थकों ने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर पूरे पार्क को रोशन कर दिया।
अंधेरे में मोबाइल की रोशनी के बीच ओवैसी ने कहा कि इस आंदोलन ने यह संदेश दिया है कि देश संविधान के अनुसार चलेगा। उन्होंने कहा कि संविधान ने हर नागरिक को अपने अधिकारों के लिए लड़ने का हक दिया है। अब सभी विपक्षी दलों और लोगों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे में हुई देरी पर ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार झुकने से बचती रही, लेकिन अंततः उसे निर्णय लेना पड़ा।