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ओवैसी ने गाजियाबाद पुलिस के वीडियो पर उठाए सवाल, बताया सांप्रदायिक पूर्वाग्रह का उदाहरण

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गाजियाबाद पुलिस के एक वायरल वीडियो की आलोचना की है, जिसमें एक अधिकारी एक व्यक्ति की राष्ट्रीयता की जांच के लिए उपकरण का उपयोग कर रहा है। ओवैसी ने इसे घृणा और सांप्रदायिक पूर्वाग्रह का उदाहरण बताया। उन्होंने ट्विटर पर इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी और पीड़ित का नाम भी साझा किया। पुलिस ने इस वीडियो को क्षेत्र नियंत्रण अभ्यास के दौरान रिकॉर्ड किया गया बताया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और ओवैसी की टिप्पणियाँ।
 

गाजियाबाद पुलिस का विवादास्पद वीडियो

एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने गाजियाबाद पुलिस द्वारा जारी एक वायरल वीडियो की कड़ी आलोचना की है। इस वीडियो में एक पुलिस अधिकारी एक व्यक्ति की राष्ट्रीयता की 'जांच' करने के लिए एक उपकरण का उपयोग करते हुए नजर आ रहा है, जिसे ओवैसी ने घृणा और सांप्रदायिक पूर्वाग्रह का स्पष्ट उदाहरण बताया।


यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें गाजियाबाद के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को एक व्यक्ति की पीठ पर स्मार्टफोन जैसा उपकरण रखते हुए और यह कहते हुए दिखाया गया कि वह बांग्लादेश से है। पुलिस ने इस घटना को एक झुग्गी बस्ती में नियमित क्षेत्र नियंत्रण अभ्यास के दौरान होने की बात कही।


ओवैसी की प्रतिक्रिया

ओवैसी ने ट्विटर पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए लिखा, 'गाजियाबाद पुलिसकर्मी ने व्यक्ति की राष्ट्रीयता की जांच के लिए उपकरण का इस्तेमाल किया, उसे बताया कि वह 'बांग्लादेश का है'; जांच के आदेश।' उन्होंने यह भी कहा कि यह उपकरण पुलिसकर्मी के सिर पर भी लगाया जाना चाहिए ताकि यह पता चल सके कि उसके दिमाग में मस्तिष्क है या नहीं।


उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पीड़ित का नाम मोहम्मद सादिक है, जो बिहार के अररिया का निवासी है। वीडियो में एक अधिकारी महिला और पुरुष से कहते हुए सुनाई दे रहा है, 'झूठ मत बोलो; हमारे पास झूठ पकड़ने वाली मशीन है।'


पुलिस की सफाई

बातचीत के दौरान, महिला और उसके साथ खड़ी एक नाबालिग लड़की ने बार-बार यह बताया कि वे बिहार के अररिया से हैं और उन्होंने मोबाइल फोन पर दस्तावेज भी दिखाए, लेकिन पुलिसकर्मियों का समूह संतुष्ट नहीं हुआ। डीसीपी (ट्रांस-हिंडन) निमिश पाटिल ने बताया कि यह वीडियो 23 दिसंबर को बिहारी मार्केट इलाके की झुग्गी बस्ती में कौशांबी पुलिस स्टेशन के अधिकारियों और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) द्वारा चलाए गए 'क्षेत्र नियंत्रण अभ्यास' के दौरान रिकॉर्ड किया गया था।


क्षेत्र नियंत्रण अभ्यास का उद्देश्य आमतौर पर संवेदनशील या घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अपराध को रोकना, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और खुफिया जानकारी जुटाना होता है।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया