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ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना का बड़ा एक्शन: जहाज को किया निष्क्रिय

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने एक गांबिया के झंडे वाले जहाज को नाकेबंदी का उल्लंघन करने पर निष्क्रिय कर दिया। इस कार्रवाई में एक हेलफायर मिसाइल का उपयोग किया गया, जिससे जहाज का इंजन ठप हो गया। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ईरान के साथ युद्धविराम के बीच समुद्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और अमेरिकी सेना की रणनीति के बारे में।
 

अमेरिकी सेना की कार्रवाई

नई दिल्ली। ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने एक समुद्री जहाज, जो गांबिया के झंडे के तहत चल रहा था, को आगे बढ़ने से रोक दिया। यह कार्रवाई तब की गई जब जहाज ने नाकेबंदी का उल्लंघन किया, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने इसे पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया। यह व्यावसायिक जहाज ईरान के बंदरगाह की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहा था.


ओमान की खाड़ी में अमेरिकी एक्शन, नाकेबंदी तोड़ने पर मिसाइल से उड़ाया जहाज का इंजन रूम


अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस सैन्य कार्रवाई की जानकारी साझा की है। सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी सेना ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में 'एम/वी लियान स्टार' नामक जहाज को ओमान की खाड़ी से ईरान की ओर जाते हुए देखा.


जहाज को रोकने के लिए अमेरिकी सुरक्षा बलों ने 20 से अधिक बार चेतावनी दी। रेडियो संदेशों के माध्यम से जहाज के क्रू को सूचित किया गया कि उनका यह कदम अमेरिका की नाकेबंदी का उल्लंघन है.


अमेरिकी सेना का कहना है कि बार-बार चेतावनियों के बावजूद 'लियान स्टार' के क्रू ने आदेशों का पालन नहीं किया और वे ईरान की दिशा में बढ़ते रहे। इसके बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई की। एक लड़ाकू विमान ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया.


विमान से एक 'हेलफायर मिसाइल' दागी गई, जिससे जहाज का इंजन पूरी तरह ठप हो गया। अब यह जहाज निष्क्रिय हो चुका है.


ईरान के साथ युद्धविराम के बीच कड़ी निगरानी


अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में ईरान के साथ युद्धविराम लागू है। इस युद्धविराम के नियमों और नाकेबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए अमेरिकी सेना समुद्र में चौतरफा निगरानी रख रही है। इस मिशन के तहत, अमेरिकी सेना ने अब तक 5 कमर्शियल जहाजों को नियमों का उल्लंघन करने पर निष्क्रिय किया है.



इसके अलावा, नाकेबंदी का उल्लंघन करने वाले 116 जहाजों को रोका गया और उनका मार्ग बदल दिया गया। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह इस समुद्री मार्ग पर किसी भी प्रकार की ढील देने के लिए तैयार नहीं है.