ओडिशा में मतदाता सूची का मिलान: 90% से अधिक मतदाताओं का सत्यापन पूरा
मतदाता सूची का मिलान और विशेष पुनरीक्षण
ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर एस गोपालन ने जानकारी दी है कि राज्य में लगभग 90 प्रतिशत मतदाताओं का मिलान 2002 की मतदाता सूची से किया जा चुका है। उन्होंने शुक्रवार को बताया कि इस प्रक्रिया को अगले 15 दिनों में पूरा करने की योजना है, जिसमें 95 प्रतिशत मिलान का लक्ष्य रखा गया है।
गोपालन ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू होगी।
हम उन 10 प्रतिशत मतदाताओं की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं जिनका अभी तक मिलान नहीं हुआ है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे 2002 की मतदाता सूची में अपनी स्थिति के बारे में जानकारी साझा करें। राज्य में अंतिम विशेष गहन पुनरीक्षण दो दशक पहले किया गया था। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, 2002 की मतदाता सूची को आधार मानकर 2025 की सूची के साथ मिलान किया जाएगा।
मिलान प्रक्रिया की जानकारी
इस मिलान के दौरान मतदाता का नाम, निकट संबंधी, आयु/जन्म तिथि, मतदान केंद्र, वार्ड संख्या और ईपीआईसी विवरण की जांच की जाएगी। बूथ स्तर के अधिकारी इस प्रक्रिया में सहायता करेंगे। मतदाता अपने विवरणों की पुष्टि ईसीआईएनईटी पोर्टल, मतदाता सेवा पोर्टल, सीईओ ओडिशा की वेबसाइट और ईसीआईएनईटी मोबाइल ऐप के माध्यम से कर सकते हैं।
नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे 2025 और 2002 की मतदाता सूची में अपने नाम की जांच करें और बूथ स्तर के अधिकारियों को आवश्यक जानकारी प्रदान करें।
यदि किसी का नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं है, तो वे अपने पिता या माता का विवरण देकर इसे दर्ज करवा सकते हैं। यदि पिता या माता का नाम भी नहीं है, तो दादा या दादी का विवरण देकर पंजीकरण कराया जा सकता है। गोपालन ने बताया कि इस मिलान प्रक्रिया के लिए किसी दस्तावेज या आधार कार्ड की आवश्यकता नहीं होगी, और एसआईआर शुरू होने के बाद नामों का पंजीकरण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।