ओडिशा में भाई ने बहन का कंकाल बैंक ले जाकर मांगी मदद, मामला तूल पकड़ा
ओडिशा के क्योंझर जिले में एक भाई ने अपनी दिवंगत बहन का कंकाल बैंक ले जाकर पैसे निकालने की कोशिश की, जिससे मामला तूल पकड़ गया। जीतू मुंडा ने बैंक से पैसे निकालने के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं होने के कारण यह कदम उठाया। इस घटना ने सरकार का ध्यान आकर्षित किया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए। जानें इस चौंकाने वाली घटना का पूरा विवरण और बैंक की प्रतिक्रिया।
Apr 29, 2026, 12:50 IST
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
ओडिशा के क्योंझर जिले से एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसमें जीतू मुंडा नामक एक आदिवासी व्यक्ति अपनी दिवंगत बहन का कंकाल कंधे पर लादे ओडिशा ग्रामीण बैंक की मलिपासी शाखा की ओर जाते हुए नजर आए। इस वीडियो ने लोगों के बीच बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
घटना का विवरण
जीतू मुंडा (50 वर्ष) ओडिशा के क्योंझर जिले के निवासी हैं। उनकी बहन काकरा मुंडा का निधन दो महीने पहले हुआ था। परिवार में कोई अन्य सदस्य न होने के कारण, जीतू ने अपनी बहन के बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए बैंक का रुख किया। बैंक ने उनसे मृत्यु प्रमाण पत्र और कानूनी वारिस के दस्तावेज मांगे। चूंकि जीतू पढ़े-लिखे नहीं थे, इसलिए वे इस प्रक्रिया को समझ नहीं पाए और खाली हाथ लौट गए।
कागजी कार्रवाई की जटिलता के कारण वे निराश हो गए। इसके बाद, उन्होंने एक चौंकाने वाला कदम उठाया। उन्होंने अपनी बहन की कब्र खोदी, कंकाल निकाला और उसे कपड़े में लपेटकर बैंक की ओर चल पड़े। वहां उपस्थित लोग यह देखकर हैरान रह गए।
सरकार की प्रतिक्रिया
जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तुरंत इस मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए और उत्तरी संभाग के राजस्व आयुक्त को मामले की जांच करने के लिए निर्देशित किया।
बैंक का स्पष्टीकरण
बैंक ने वायरल वीडियो के बाद अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उन्होंने मृत महिला की शारीरिक उपस्थिति की मांग नहीं की थी, बल्कि केवल मृत्यु प्रमाण पत्र और कानूनी दस्तावेज मांगे थे। बैंक ने यह भी बताया कि जैसे ही सरकारी अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेज जारी किए, उन्होंने तुरंत 19,402 रुपये की राशि तीन कानूनी वारिसों के नाम पर सेटल कर दी।
समस्या का समाधान
मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद, जीतू मुंडा को जिला रेड क्रॉस कोष से 30,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इसके साथ ही, उन्हें उनकी बहन का मृत्यु प्रमाण पत्र और उत्तराधिकार प्रमाण पत्र भी दिया गया। पुलिस की मदद से कंकाल को सम्मान के साथ वापस कब्रिस्तान ले जाकर फिर से दफना दिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और अधिकारियों को लोगों के प्रति अधिक संवेदनशील रहने की सलाह दी है।