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ओडिशा में बौद्धिक दिव्यांगजनों के लिए नई पहल: शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा

ओडिशा सरकार ने राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान के साथ मिलकर बौद्धिक दिव्यांगजनों की पहचान और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा और विकास की सुविधाएं प्रदान करना है। इसमें विशेष शिक्षकों का प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम कार्यान्वयन और सामुदायिक जागरूकता जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा। यह सहयोग तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा और इसे आगे बढ़ाने की संभावना भी है।
 

ओडिशा सरकार और एनआईईपीआईडी का समझौता

ओडिशा सरकार ने राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआईईपीआईडी) के साथ मिलकर बौद्धिक दिव्यांगजनों की पहचान, शिक्षा, क्षमता निर्माण और सामुदायिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।


राज्य के दिव्यांगजनों के सामाजिक सुरक्षा और सशक्तीकरण विभाग (एसएसईपीडी) ने इस समझौता ज्ञापन पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत, राज्य द्वारा संचालित विशेष स्कूलों में एनआईईपीआईडी द्वारा विकसित नया पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।


एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस साझेदारी का उद्देश्य विशेषज्ञों की सहायता और प्रशिक्षण के माध्यम से बौद्धिक रूप से अक्षम बच्चों के लिए शिक्षा और विकास की सुविधाओं को सुधारना है।


समझौते के अनुसार, दोनों संस्थान प्रारंभिक पहचान, विशेष शिक्षकों और देखभालकर्ताओं के प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम कार्यान्वयन, अनुसंधान, प्रलेखन और सामुदायिक जागरूकता के क्षेत्रों में सहयोग करेंगे, ताकि दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके और उनके प्रति भेदभाव को कम किया जा सके।


इस सहयोग के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम, संसाधन सामग्री का विकास, डिजिटल शिक्षण सामग्री और विशेषज्ञ निगरानी जैसे कार्य किए जाएंगे। बयान में कहा गया है कि यह समझौता तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा और दोनों पक्षों की सहमति से इसे बढ़ाया जा सकता है।