ओडिशा में बाढ़ राहत कार्य: गर्भवती महिला की सुरक्षित निकासी की सराहना
मुख्यमंत्री की सराहना
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बृहस्पतिवार को बालासोर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत आपदा प्रतिक्रिया दलों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संकट के समय में हर नागरिक की सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। दिल्ली से बाढ़ की स्थिति पर नजर रखते हुए, माझी ने सोशल मीडिया पर एक संदेश में लिखा, 'आपकी सुरक्षा और सेवा हमारी प्राथमिकता है।'
गर्भवती महिला की सुरक्षित निकासी
बालासोर जिले के भागीरथीपुर गांव से एक गर्भवती महिला को सुरक्षित निकालकर समय पर अस्पताल पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस संकट के समय में हर जीवन की रक्षा और आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार के अनुसार, बाढ़ के कारण अब तक तीन लोगों की मृत्यु की सूचना मिली है, जबकि कई अन्य को विषम परिस्थितियों से सुरक्षित निकाला गया है।
सफल बचाव अभियान
इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि नुआपाड़ा जिले के बोडेन ब्लॉक में दरागांव के पास बीरीघाट नदी में फंसे 27 लोगों को खरियार अग्निशमन केंद्र के कर्मियों ने एक सफल संयुक्त अभियान के माध्यम से सुरक्षित किनारे पर पहुंचाया। बचाए गए लोगों में 20 पुरुष, चार महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। प्रारंभ में आठ लोगों के फंसे होने की सूचना मिली थी, लेकिन राहत एवं बचाव दलों ने खोज जारी रखी और सभी 27 लोगों को सुरक्षित निकाला।
राहत कार्यों की तैयारी
त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश प्रभाकर पाटिल ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के कुल 123 राहत एवं बचाव दल तैनात किए गए हैं। इनमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की छह, राज्य आपदा मोचन बल (ओडीआरएएफ) की 14 और अग्निशमन सेवा की लगभग 103 टीमें शामिल हैं।