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ओडिशा के कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु में ठहराया गया, भाजपा की साजिश का संदेह

ओडिशा के आठ कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु में एक रिसॉर्ट में ठहराया गया है, जिससे भाजपा की संभावित साजिश का संदेह उत्पन्न हो रहा है। ये विधायक 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनावों से पहले भाजपा के पाले में आने की आशंका के बीच बेंगलुरु पहुंचे हैं। इस स्थिति में राजनीतिक समीकरणों का क्या असर होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
 

कांग्रेस विधायकों का बेंगलुरु में ठहराव

ओडिशा के आठ कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु लाया गया है, जहां उन्हें एक रिसॉर्ट में ठहराया गया है। यह आशंका जताई जा रही है कि सत्तारूढ़ भाजपा 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनावों से पहले इन विधायकों को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर सकती है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, विधायक गुरुवार रात अपने परिवारों के साथ पहुंचे और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की देखरेख में बिदादी स्थित वंडरला रिसॉर्ट में ले जाया गया।


विधायकों की पहचान और राजनीतिक स्थिति

एक सरकारी सूत्र ने बताया कि ओडिशा से कुल 14 लोग आए हैं, जिनमें आठ विधायक और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री का बिदादी क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। ओडिशा के विधायकों को ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने बेंगलुरु भेजा। स्थानीय अधिकारियों ने इनमें से पांच विधायकों की पहचान मंगू खिल्ला, पवित्र सौंता, कद्रका अप्पाला स्वामी, राजन एक्का और प्रफुल्ल प्रधान के रूप में की है।


राज्यसभा चुनावों की तैयारी

ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के पास 79 विधायकों के साथ बहुमत है। भाजपा को उम्मीद है कि वह निर्दलीय विधायकों और क्रॉस-वोटिंग के माध्यम से राज्यसभा में तीन सदस्य भेजेगी। बीजू जनता दल (बीजेडी), जिसके पास 48 विधायक हैं, एक सदस्य भेजने की संभावना रखती है। हालांकि, 14 विधायकों वाली कांग्रेस के साथ गठबंधन करके, बीजेडी एक सीपीआई (एम) विधायक और तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन से दूसरी सीट हासिल करने का लक्ष्य बना रही है।