ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए जवानों के नाम सार्वजनिक, युद्ध स्मारक पर होगा सम्मान
पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' में शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक किए गए हैं। इन नामों को नई दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल में सम्मानित किया जाएगा। जानें इन शहीदों के बारे में और उनकी बहादुरी की कहानी।
Jun 26, 2026, 12:27 IST
ऑपरेशन सिंदूर में शहीद जवानों की पहचान
पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' में जान गंवाने वाले छह सैनिकों के नाम पहली बार सार्वजनिक किए गए हैं। इनकी जानकारी अब आर्मी वॉर मेमोरियल की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। नई दिल्ली में इंडिया गेट के पास स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल में ग्रेनाइट की विशेष पट्टिकाओं पर इन शहीदों के नाम हमेशा के लिए अंकित किए जाएंगे। मेमोरियल के 'त्याग चक्र' में हर एक सैनिक के सम्मान में ग्रेनाइट की एक विशेष ईंट लगाई जाएगी; यह चक्र उन भारतीय शहीदों की याद में बनाया गया है जिन्होंने आज़ादी के बाद देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी।
इन छह शहीदों में भारतीय सेना के पाँच जवान और भारतीय वायु सेना का एक सार्जेंट शामिल हैं, जिन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। उनके नाम हैं: 1. सूबेदार मेजर पवन कुमार – हेडक्वार्टर, 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड 2. राइफलमैन सुनील कुमार – चौथी बटालियन, जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट 3. लांस नायक दिनेश कुमार – 5 फील्ड रेजिमेंट 4. अग्निवीर मूड मुरली नायक – 851 लाइट रेजिमेंट 5. हवलदार सुनील कुमार सिंह – 237 फील्ड वर्कशॉप और 6. सार्जेंट सुरेंद्र कुमार – 39 विंग, भारतीय वायु सेना।
7 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की शुरुआत की, जो पहलगाम में हुए एक भयानक आतंकी हमले का प्रतिशोध था। इस ऑपरेशन में सौ से अधिक आतंकवादी मारे गए और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत तथा पाक-अधिकृत कश्मीर में उनके ठिकाने नष्ट कर दिए गए। भारत ने इस कार्रवाई को "सोची-समझी, नपी-तुली और तनाव न बढ़ाने वाली" बताया और यह भी कहा कि देश में किसी भी सैन्य ठिकाने पर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तीन दिनों तक संघर्ष चला, जिसमें दोनों पक्षों को नुकसान हुआ। अंततः, सीमा पार हमलों के कई दिनों बाद, 10 मई को दोनों देशों ने पूरी तरह से युद्धविराम के लिए सहमति व्यक्त की।