ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: भारत की आतंकवाद के खिलाफ नई रणनीति
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ नई रणनीति और आत्मनिर्भरता पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस अभियान ने साबित किया है कि भारत अपनी सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीर है और आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने में सक्षम है। यह अभियान विभिन्न एजेंसियों के बीच अभूतपूर्व समन्वय का उदाहरण भी है, जो भविष्य की चुनौतियों के लिए भारत को और अधिक तैयार बनाता है।
May 7, 2026, 18:22 IST
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि इस अभियान ने यह सिद्ध कर दिया है कि आत्मनिर्भरता केवल एक विचार नहीं, बल्कि देश की सैन्य क्षमता को कई गुना बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुकी है। उन्होंने बताया कि आज भारत के रक्षा उपकरणों का 65 प्रतिशत से अधिक हिस्सा देश में ही निर्मित किया जा रहा है, और यही आत्मनिर्भरता इस अभियान की सफलता का आधार है।
आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ता
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के खिलाफ निरंतर लड़ाई की शुरुआत है। भारत अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए हर स्तर पर निर्णायक और जिम्मेदार तरीके से कार्रवाई करता रहेगा। उन्होंने प्रसिद्ध कवि दुष्यंत कुमार की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा, “सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि यह सूरत बदलनी चाहिए।” यह अभियान आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति और दृढ़ता का प्रतीक है।
सैन्य रणनीति और समन्वय
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने अभियान की रणनीति पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत ने संतुलित और नियंत्रित सैन्य दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने बताया कि कई देशों में लंबे समय तक चलने वाले संघर्षों के विपरीत, भारत ने सीमित लेकिन प्रभावी सैन्य कार्रवाई की। भारतीय सेना ने तेजी और सटीकता के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल किया और संघर्ष विराम का निर्णय तब लिया गया जब पाकिस्तान ने बातचीत के लिए अनुरोध किया।
अभूतपूर्व समन्वय का उदाहरण
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि विभिन्न एजेंसियों और विभागों के बीच अभूतपूर्व समन्वय का उदाहरण भी था। खुफिया एजेंसियों ने सटीक जानकारी प्रदान की, जिससे लक्ष्यों का निर्धारण किया गया। साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध इकाइयों ने सूचना क्षेत्र में भारत की बढ़त बनाए रखी। इसके अलावा, सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक माहौल को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने इस अभियान को अत्यधिक सटीकता और संयम के साथ अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान अनावश्यक नुकसान को न्यूनतम रखा गया। उन्होंने कहा कि सेना, खुफिया एजेंसियों, साइबर इकाइयों और सरकार के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय भविष्य के अभियानों के लिए एक आदर्श मॉडल साबित होगा।
भारत की आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई
ऑपरेशन सिंदूर ने यह संदेश दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने में सक्षम है और अब देश अपनी सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगा। आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन, आधुनिक तकनीक, खुफिया समन्वय और नियंत्रित सैन्य रणनीति के मेल ने यह भी दिखाया कि भारत भविष्य की चुनौतियों के लिए पहले से कहीं अधिक तैयार है।